Asha Bhosle Funeral: पंचतत्व में विलीन हुईं आशा भोसले, ‘अभी ना जाओ छोड़कर’ के साथ दी गई आखिरी विदाई
Asha Bhosle Funeral: राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार, बॉलीवुड ने गाकर दी विदाई; पाकिस्तान में कवरेज पर जियो न्यूज को नोटिस
Asha Bhosle Funeral: ‘अभी ना जाओ छोड़कर’ की गूंज, नम आंखें और तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर, आशा भोसले की अंतिम विदाई के हर पल ने देश को भावुक कर दिया… पढ़िए पूरी कहानी।
Asha Bhosle Funeral: महान गायिका आशा भोसले का मुंबई के शिवाजी पार्क में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ। बॉलीवुड सितारों ने नम आंखों से दी विदाई, पाकिस्तान में कवरेज पर जियो न्यूज को नोटिस।
भारतीय संगीत जगत की महानतम आवाजों में शुमार Asha Bhosle अब पंचतत्व में विलीन हो चुकी हैं। मुंबई के शिवाजी पार्क श्मशान घाट पर सोमवार को उनका पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। महाराष्ट्र पुलिस ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया, जबकि अंतिम विदाई के दौरान बॉलीवुड सिंगर्स और मौजूद कलाकारों ने उनका अमर गीत ‘अभी ना जाओ छोड़कर…’ गाकर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। यह दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर गया।

रविवार को 92 वर्ष की उम्र में उनका निधन हुआ था। परिवार के अनुसार उन्हें स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के बाद मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
Asha Bhosle Funeral: तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर, अंतिम दर्शन को उमड़ा सैलाब
सोमवार सुबह उनका पार्थिव शरीर मुंबई स्थित उनके निवास ‘कासा ग्रांडे’ में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को सलामी दी गई। यहां हजारों प्रशंसकों के साथ फिल्म, संगीत और खेल जगत की कई हस्तियां उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचीं।

Sachin Tendulkar, Ranveer Singh, Jackie Shroff, Riteish Deshmukh समेत कई सेलेब्स ने अंतिम दर्शन किए।
Asha Bhosle Funeral: पाकिस्तान में कवरेज पर नोटिस
आशा भोसले के निधन की खबर सिर्फ भारत ही नहीं, पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी बड़े स्तर पर कवर की गई। हालांकि पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी (PEMRA) ने इस कवरेज को लेकर Geo News को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नियामक संस्था का कहना है कि चैनल द्वारा प्रसारित कुछ कंटेंट नियमों के खिलाफ हो सकता है।
Asha Bhosle Carrier: 82 साल का सुनहरा करियर
आशा भोसले का संगीत सफर असाधारण रहा। उन्होंने मात्र 10 साल की उम्र में अपना पहला गीत रिकॉर्ड किया और इसके बाद 82 वर्षों तक लगातार संगीत जगत पर राज किया।
उन्होंने हिंदी, मराठी सहित 20 से अधिक भाषाओं में करीब 12,000 से ज्यादा गाने गाए और अपने नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह बनाई।
पुरस्कारों की लंबी फेहरिस्त
आशा भोसले को उनके शानदार करियर के दौरान 100 से अधिक प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले।
उनके नाम 9 फिल्मफेयर अवॉर्ड दर्ज हैं, जिनमें 7 बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर अवॉर्ड शामिल हैं।
भारत सरकार ने उन्हें देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया था।
दिग्गजों के साथ यादगार साझेदारी
आशा भोसले की आवाज ने कई महान संगीतकारों और गायकों के साथ मिलकर इतिहास रचा।
Mohammed Rafi के साथ 900 से ज्यादा गाने
Kishore Kumar के साथ 600+ गाने
Lata Mangeshkar के साथ लगभग 80 डुएट
R. D. Burman के लिए 500 से अधिक गीत
‘पिया तू अब तो आजा’, ‘दम मारो दम’, ‘राधा कैसे न जले’ और ‘अभी ना जाओ छोड़कर’ जैसे गीत उनकी आवाज को अमर बनाते हैं।
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एक युग का अंत
आशा भोसले का निधन भारतीय संगीत के स्वर्णिम युग के एक और अध्याय के अंत जैसा माना जा रहा है। उनकी आवाज सिर्फ गानों तक सीमित नहीं रही, बल्कि करोड़ों भारतीयों की यादों, भावनाओं और जीवन के पलों का हिस्सा बन गई।

उनकी अंतिम विदाई में उमड़ी भीड़ और भावनाओं का सैलाब इस बात का प्रमाण था कि आशा भोसले केवल एक गायिका नहीं थीं, वे एक युग थीं, एक भावना थीं, और भारतीय संगीत की अमर पहचान थीं।
