Bengal Election 2026 : हुमायूं कबीर कर रहे मुसलमानों से गद्दारी! जानिए क्या है ‘मस्जिद कार्ड’?

Bengal Election 2026

अभिषेक बनर्जी का हुमायूं कबीर पर बड़ा हमला, ‘मस्जिद कार्ड’ और 2019 चुनाव को लेकर खुलासे।

 

Bengal Election 2026 के बीच पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है।

Abhishek Banerjee ने Murshidabad की एक जनसभा में हुमायूं कबीर पर तीखा हमला बोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए।

 

‘मुसलमानों के साथ गद्दारी’ का आरोप

 

अभिषेक बनर्जी ने अपने संबोधन में कहा कि हुमायूं कबीर अल्पसंख्यकों की भावनाओं से खेल रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि हुमायूं कबीर मुसलमानों को “बेवकूफ” समझते हैं, लेकिन जनता सब समझती है और समय आने पर जवाब भी देती है। Bengal में इस बयान ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है।

 

‘मस्जिद कार्ड’ का खुलासा

 

Abhishek Banerjee ने एक पुरानी मुलाकात का जिक्र करते हुए बड़ा खुलासा किया।

 

उन्होंने दावा किया कि हुमायूं कबीर ने उनसे कहा था कि वह बाबरी मस्जिद के नाम पर राजनीति करेंगे, आधारशिला रखेंगे लेकिन वास्तव में मस्जिद का निर्माण नहीं करेंगे।

 

यह बयान सामने आने के बाद Bengal Election 2026 में ‘मस्जिद कार्ड’ को लेकर बहस तेज हो गई है।

 

2019 चुनाव और भाजपा कनेक्शन

 

अभिषेक बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि हुमायूं कबीर ने 2019 में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था।

 

उन्होंने सवाल उठाया कि उस समय उन्हें बाबरी मस्जिद की याद क्यों नहीं आई।

 

Bengal Election 2026 में यह आरोप विपक्षी गठजोड़ और नेताओं की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

 

एआई वीडियो विवाद पर सवाल

 

अभिषेक बनर्जी ने हुमायूं कबीर के कथित एआई वीडियो विवाद को लेकर भी निशाना साधा।

 

उन्होंने पूछा कि अगर वीडियो फर्जी है, तो Asaduddin Owaisi ने उनसे गठबंधन क्यों तोड़ा?

 

इसके अलावा उन्होंने यह भी सवाल किया कि उनकी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने इस्तीफा क्यों दिया।

 

अन्य नेताओं पर भी निशाना

 

अभिषेक बनर्जी ने अपने भाषण में विपक्ष के अन्य नेताओं को भी आड़े हाथों लिया।

 

उन्होंने Adhir Ranjan Chowdhury और नौशाद सिद्दीकी पर आरोप लगाया कि वे भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं।

 

Bengal Election 2026  में यह बयान विपक्षी दलों के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है।

 

‘सेंट्रल फोर्स’ पर भी घेरा

 

अभिषेक बनर्जी ने विपक्षी नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें हिम्मत है, तो वे केंद्र सरकार द्वारा दी गई ‘सेंट्रल फोर्स’ की सुरक्षा छोड़ दें।

 

उन्होंने कहा कि राज्य की Mamata Banerjee सरकार उन्हें बंगाल पुलिस की सुरक्षा देने के लिए तैयार है।

 

जनता को दिया संदेश

 

अपने भाषण में अभिषेक बनर्जी ने यह भी कहा कि हिंदू, मुस्लिम और बंगाली सभी समुदायों के लोग समझदार हैं।

 

उन्होंने कहा कि लोग कभी-कभी गलत नेताओं पर भरोसा कर लेते हैं, लेकिन अगर कोई विश्वासघात करता है, तो जनता उसका हिसाब बराबर करना जानती है।

 

चुनावी माहौल में बढ़ी बयानबाजी

 

Bengal Election 2026 के दौरान इस तरह के तीखे बयान यह संकेत देते हैं कि आने वाले समय में चुनावी माहौल और भी आक्रामक हो सकता है।

 

मुर्शिदाबाद जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह की बयानबाजी का सीधा असर वोट बैंक पर पड़ सकता है।

अब सिर्फ चुनावी वादों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि आरोप-प्रत्यारोप और खुलासों का दौर तेज हो गया है।

Abhishek Banerjee के ताजा हमले ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति और भी गरमाने वाली है।

वैसे तो बंगाल में ममता बनर्जी की शाख बेहद मजबूत रही है, पर इस बार मुकाबला काटें का है…

अब देखना यह होगा कि हुमायूं कबीर इन आरोपों पर क्या जवाब देते हैं और इसका चुनावी समीकरण पर क्या असर पड़ता है।

 

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