Farm Loan Policy CG 2026: अब 70% नकद मिलेगा ऋण, किसानों को बड़ी राहत
Farm loan policy CG 2026 के तहत ऋण वितरण में बड़ा बदलाव, 70% नकद मिलने से खेती के खर्च मिलेगी
Farm loan policy CG 2026: छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए किसानों के हित में नई ऋण वितरण नीति लागू की है। Farm loan policy CG 2026 के तहत इस बार सबसे बड़ा बदलाव ऋण के नकद और वस्तु अनुपात में किया गया है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
नई व्यवस्था के अनुसार, अब किसानों को स्वीकृत ऋण राशि का 70 प्रतिशत हिस्सा नकद रूप में दिया जाएगा, जबकि शेष 30 प्रतिशत खाद, बीज और कीटनाशक जैसी आवश्यक वस्तुओं के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा। इससे पहले यह अनुपात 60:40 था, जिसमें नकद हिस्सा कम होने के कारण किसानों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
नकद राशि बढ़ने से बढ़ेगी किसानों की क्षमता
नई नीति के तहत नकद राशि में 10 प्रतिशत की वृद्धि किसानों के लिए राहत भरी खबर है। खेती के दौरान मजदूरी, जुताई, सिंचाई और अन्य खर्चों के लिए किसानों को अब ज्यादा नकद उपलब्ध होगा। Farm loan policy CG 2026 के इस बदलाव से किसानों को अपनी जरूरतों के अनुसार खर्च करने की स्वतंत्रता मिलेगी, जिससे कृषि कार्य अधिक प्रभावी ढंग से किए जा सकेंगे।
प्रति हेक्टेयर ऋणमान तय
बैंक द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, वर्ष 2026-27 के लिए धान की खेती हेतु ऋणमान भी निर्धारित किया गया है।
सिंचित धान के लिए: 66,000 रुपये प्रति हेक्टेयर
असिंचित धान के लिए: 49,500 रुपये प्रति हेक्टेयर
इसी निर्धारित राशि के आधार पर किसानों को 70:30 के नए अनुपात में ऋण वितरित किया जाएगा।
जिलों के अनुसार अलग-अलग सीमा
Farm loan policy CG 2026 के तहत विभिन्न जिलों के लिए अलग-अलग ऋण सीमा तय की गई है। रायपुर, गरियाबंद, बलौदाबाजार, महासमुंद और धमतरी जैसे जिलों में अधिकतम ऋण सीमा 66,000 रुपये प्रति हेक्टेयर रखी गई है। वहीं, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के भटगांव और सरसींवा क्षेत्रों के लिए सिंचित धान की सीमा 60,500 रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित की गई है।

समितियों को दिए गए निर्देश
ऋण वितरण प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए सहकारी समितियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। समितियों को प्रारूप 01, 02 और 03 में किसानों का पूरा विवरण तैयार कर तय समयसीमा के भीतर बैंक शाखाओं में प्रस्तुत करना होगा। इससे ऋण वितरण में देरी की संभावना कम होगी और किसानों को समय पर सहायता मिल सकेगी।
किसानों की मांग पर लागू हुआ नया फार्मूला
इस नई व्यवस्था को लागू करने के पीछे किसान संगठनों की भी बड़ी भूमिका रही है। किसान मजदूर संघ छत्तीसगढ़ के संयोजक ललित चंद्रनाहू ने लंबे समय से ऋण वितरण में नकद हिस्से को बढ़ाने की मांग उठाई थी। उन्होंने इस संबंध में कई बार संबंधित विभागों और अधिकारियों को पत्र लिखकर ध्यान आकर्षित किया था। अब उनकी इस मांग को स्वीकार करते हुए Farm loan policy CG 2026 के तहत यह नया 70:30 फार्मूला लागू किया गया है।
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ऋण लेने के लिए जरूरी दस्तावेज
किसानों को ऋण प्राप्त करने के लिए कुछ आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे।
इनमें शामिल हैं:
बी-1 की नकल
ऋण पुस्तिका
किसान क्रेडिट कार्ड (पासबुक)
चेकबुक
इन दस्तावेजों को संबंधित समिति में प्रस्तुत करने के बाद ही ऋण स्वीकृत किया जाएगा।
कृषि क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा
नई ऋण नीति का उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और कृषि उत्पादन को बढ़ावा देना है। Farm loan policy CG 2026 के तहत नकद राशि बढ़ने से किसानों को अपने खेतों में बेहतर निवेश करने का अवसर मिलेगा, जिससे उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि हो सकती है।
छत्तीसगढ़ सरकार और अपेक्स बैंक की यह पहल किसानों के लिए राहत भरी साबित हो सकती है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह नई नीति किसानों के जीवन और राज्य की कृषि व्यवस्था पर कितना सकारात्मक प्रभाव डालती है।
