बस्तर में मसीह समाज का आंदोलन : धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 का विरोध, राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा

छत्तीसगढ़ में पारित Chhattisgarh Religious Freedom Bill 2026 के विरोध में बस्तर संभाग में मसीह समाज का आंदोलन लगातार जारी है। इसी क्रम में समाज के लोगों ने Jagdalpur में राज्यपाल के नाम बस्तर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए इस कानून को संशोधन के लिए वापस भेजने की मांग की।

 

मसीह समाज ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इसी के तहत 13 अप्रैल को संभाग स्तरीय प्रदर्शन की भी घोषणा की गई है।

 

समाज के उपाध्यक्ष Nukesh Baghel ने कहा कि यह कानून उनके समुदाय के लिए घातक साबित हो सकता है और इसके दुरुपयोग की आशंका है। उन्होंने इसे Article 25 of the Indian Constitution के खिलाफ बताते हुए मौलिक अधिकारों के हनन की बात कही।

 

वहीं बिशप Shamuel Suna ने कहा कि मसीह समाज हमेशा सेवा कार्यों के लिए जाना जाता है, लेकिन इस कानून के बाद सेवा कार्यों को भी प्रलोभन के रूप में देखा जा सकता है, जिससे समाज में असहजता बढ़ रही है।

 

उपाध्यक्ष Ratnesh Benjamin ने कहा कि प्रदेश में धर्मांतरण के मामले बेहद कम हैं, इसके बावजूद सख्त कानून लागू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि शांतिप्रिय समाज होने के बावजूद अब उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।

 

मसीह समाज ने यह भी बताया कि 13 अप्रैल को होने वाले प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रपति के नाम कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

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