Major Surrender in Bastar: बस्तर में नक्सल नेतृत्व खत्म! पापाराव के सरेंडर से बदली तस्वीर
Major Surrender in Bastar: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता सामने आई है। दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) के सदस्य और लंबे समय से सक्रिय मोस्ट-वांटेड नक्सली पापाराव ने अपने 17 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। पापाराव को 2010 के ताड़मेटला हमले का मास्टरमाइंड माना जाता रहा है, जिसमें 76 CRPF जवान शहीद हुए थे। इस सरेंडर को बस्तर क्षेत्र में नक्सल नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा और बस्तर आईजी पी. सुंदरराज ने दावा किया है कि पापाराव इस क्षेत्र का आखिरी बड़ा सक्रिय नक्सली नेता था। ऐसे में इस घटना को नक्सलवाद के अंत की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
अब सिर्फ बीजापुर ही ‘अति संवेदनशील’
केंद्र सरकार ने नक्सल प्रभावित जिलों की नई सूची जारी की है, जिसमें नारायणपुर जिले को ‘अति संवेदनशील’ श्रेणी से बाहर कर दिया गया है। कभी नक्सलियों का गढ़ माने जाने वाला नारायणपुर अब तेजी से सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रहा है।
नई सूची के अनुसार अब छत्तीसगढ़ में केवल बीजापुर जिला ही ‘अति संवेदनशील’ श्रेणी में बचा है। इसके अलावा अबूझमाड़ और अन्य इलाकों में भी नक्सल प्रभाव तेजी से घट रहा है।
नक्सल उन्मूलन की डेडलाइन करीब
केंद्र और राज्य सरकार ने 31 मार्च 2026 तक देश से सशस्त्र नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य रखा है। छत्तीसगढ़, ओडिशा और महाराष्ट्र के अधिकांश इलाके अब नक्सलमुक्त घोषित किए जा चुके हैं, जबकि मध्यप्रदेश पूरी तरह माओवाद से मुक्त हो चुका है।
छत्तीसगढ़ में अब सिर्फ 30-35 सक्रिय माओवादी बचे होने का दावा किया गया है, जो पहले के मुकाबले काफी कम है।
गृहमंत्री ने बताए आंकड़े
गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि पिछले 2 वर्षों में करीब 8 हजार नक्सलियों के नेटवर्क को तोड़ा गया है।
- 3000 नक्सलियों ने सरेंडर किया
- 2000 नक्सली गिरफ्तार हुए
- 550 से ज्यादा नक्सली मारे गए
उन्होंने विपक्ष के सवालों पर तंज कसते हुए कहा कि नक्सलवाद खत्म करना कोई एक दिन का काम नहीं है, बल्कि लगातार चलने वाली प्रक्रिया है।
18 नक्सलियों का सरेंडर, हथियार भी सौंपे
आईजी बस्तर पी. सुंदरराज के अनुसार, पापाराव समेत 18 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिनमें 7 महिलाएं भी शामिल हैं। इन सभी ने AK-47 जैसे आधुनिक हथियार भी सुरक्षा बलों को सौंप दिए हैं।
इन नक्सलियों ने हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताई है। सरकार द्वारा इनके पुनर्वास की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
55 लाख के इनामी सुकरु ने भी किया सरेंडर
इसी बीच ओडिशा में भी 5 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें सुकरु नाम का नक्सली शामिल है, जिस पर 55 लाख रुपए का इनाम था। सभी नक्सलियों पर कुल 66 लाख रुपए का इनाम घोषित था। इनके पास से AK-47, SLR और अन्य हथियार बरामद किए गए हैं।
