Chaitra Navratri Day 4: मां कूष्मांडा की पूजा का दिन, जानें मुहूर्त, मंत्र और भोग
Chaitra Navratri Day 4: चैत्र नवरात्रि का चौथा दिन 22 मार्च 2026, रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा की विधि-विधान से पूजा की जाती है। मां कूष्मांडा को अष्टभुजा देवी भी कहा जाता है, क्योंकि उनकी आठ भुजाएं होती हैं और वे सिंह पर सवार रहती हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कूष्मांडा की आराधना करने से जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है, आयु लंबी होती है और स्वास्थ्य बेहतर रहता है। इस दिन श्रद्धालु विशेष पूजा-अर्चना कर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
पूजा के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:48 से 05:36 तक
- प्रातः संध्या: सुबह 05:12 से 06:23 तक
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:04 से 12:53 तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 से 03:19 तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:32 से 06:56 तक
- अमृत काल: शाम 06:17 से 07:46 तक
मां कूष्मांडा को क्या चढ़ाएं
माता को हरा और लाल रंग बेहद प्रिय है। पूजा में गुलाब और कमल के फूल अर्पित किए जाते हैं। भोग के रूप में हलवा, खीर और मालपुआ चढ़ाना शुभ माना जाता है।
मंत्र और स्तुति
मंत्र:
ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः॥
स्तुति:
या देवी सर्वभूतेषु मां कूष्मांडा रूपेण संस्थिता… नमस्तस्यै नमो नमः॥
आरती का महत्व
मां कूष्मांडा की आरती करने से घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। श्रद्धालु पूरी श्रद्धा से आरती कर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने की कामना करते हैं।
