CG Teachers Recruitment News: छत्तीसगढ़ में जल्द होगी 5000 शिक्षकों की भर्ती, सीएम साय ने किया बड़ा ऐलान, तैयारी शुरू
CG Teachers Recruitment News
CG Teachers Recruitment News: छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग में 5000 नए शिक्षकों की भर्ती की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ऐलान किया है कि युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरी होते ही नई भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। इससे राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई की गुणवत्ता और व्यवस्था दोनों को मजबूती मिलेगी।
रिक्त पदों पर चरणबद्ध तरीके से होगी भर्ती
शिक्षा विभाग के अनुसार, स्कूलों में जो भी पद लंबे समय से रिक्त हैं, उन पर चरणबद्ध तरीके से भर्ती की जाएगी। विभागीय स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरी होते ही भर्तियों की अधिसूचना जारी की जाएगी। इस कदम से शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहे सरकारी स्कूलों को राहत मिलेगी और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी।
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर जोर
राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच को बेहतर बनाने के लिए शालाओं और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण (rationalization) कर रही है। इसका उद्देश्य है कि जहां शिक्षक अधिक हैं वहां से स्थानांतरित कर उन स्कूलों में भेजा जाए जहां उनकी सख्त जरूरत है। इससे सभी छात्रों को समान रूप से शिक्षकों का लाभ मिल सकेगा और पढ़ाई में सुधार आएगा।
केवल 166 स्कूल होंगे समायोजित
शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, युक्तियुक्तकरण के तहत राज्य के कुल 10,463 स्कूलों में से केवल 166 स्कूलों का ही समायोजन किया जाएगा। इनमें से 133 ग्रामीण स्कूल हैं जहां छात्रों की संख्या 10 से भी कम है और एक किलोमीटर के दायरे में दूसरा स्कूल संचालित हो रहा है। वहीं 33 शहरी स्कूल ऐसे हैं जहां छात्रों की संख्या 30 से कम है और 500 मीटर के भीतर दूसरा स्कूल है। ऐसे स्कूलों को पास के स्कूलों में मिलाया जाएगा ताकि बच्चों को बेहतर सुविधाएं और वातावरण मिल सके।
शेष 10,297 स्कूल पूरी तरह से यथावत रहेंगे और उनकी पढ़ाई पर किसी भी तरह का असर नहीं पड़ेगा।
शिक्षक विहीन स्कूलों की स्थिति चिंताजनक
राज्य में अभी भी 212 प्राथमिक स्कूल पूरी तरह शिक्षक विहीन हैं, जबकि 6,872 प्राथमिक स्कूलों में केवल एक शिक्षक कार्यरत है। पूर्व माध्यमिक स्तर की बात करें तो 48 स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं और 255 स्कूलों में केवल एक ही शिक्षक पढ़ा रहे हैं।
इसके साथ ही 362 ऐसे स्कूल हैं जहां शिक्षक तो हैं लेकिन एक भी छात्र नहीं है। शहरी क्षेत्रों की बात करें तो 527 स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात 10 या उससे कम है, जिससे शिक्षा व्यवस्था की असमानता साफ झलकती है।
राष्ट्रीय औसत से बेहतर छात्र-शिक्षक अनुपात
हालांकि कई चुनौतियों के बावजूद राज्य में औसतन छात्र-शिक्षक अनुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। प्राथमिक शालाओं में यह अनुपात 21.84 और पूर्व माध्यमिक स्कूलों में 26.2 है, जो कि अन्य राज्यों की तुलना में संतोषजनक माना जा रहा है।
5000 शिक्षकों की नई भर्ती से छत्तीसगढ़ के युवाओं को सरकारी नौकरी का बेहतरीन अवसर मिलेगा। साथ ही इससे शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्कूलों में पढ़ाई का माहौल सुधरेगा। राज्य सरकार का यह कदम लंबे समय से रिक्त पदों को भरने की दिशा में अहम साबित हो सकता है। अब युवाओं को सिर्फ भर्ती अधिसूचना जारी होने का इंतजार है, जो युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कभी भी जारी की जा सकती है।
