मथुरा में ‘फरसा वाले बाबा’ की मौत के बाद बवाल, हाईवे जाम और पथराव से हालात तनावपूर्ण

‘फरसा वाले बाबा’ की मौत

‘फरसा वाले बाबा’ की मौत

मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में शनिवार सुबह एक दर्दनाक घटना के बाद माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। कोसीकलां क्षेत्र में गौ-तस्करी की सूचना पर पहुंचे ‘फरसा वाले बाबा’ की संदिग्ध हालात में मौत के बाद हजारों लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया और दिल्ली-आगरा हाईवे पर जाम, हंगामा और पथराव की घटनाएं सामने आईं। घटना के बाद पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस अब भी पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और शुरुआती दावों के साथ-साथ दुर्घटना की आशंका के पहलू को भी खंगाल रही है।

तस्करी की सूचना पर मौके पर पहुंचे थे ‘फरसा वाले बाबा’

जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह पुलिस को सूचना मिली थी कि हरियाणा की ओर से एक वाहन में कथित रूप से गौ-तस्करी कर गायों को ले जाया जा रहा है। इसी सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी की। इसी बीच ‘फरसा वाले बाबा’, जिन्हें क्षेत्र में गौ-सेवा और सक्रियता के लिए जाना जाता था, भी मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने संदिग्ध वाहन को रोकने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान उन्हें वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने यह भी कहा है कि घटना में घना कोहरा और तेज रफ्तार जैसे कारक भी शामिल हो सकते हैं, इसलिए पूरे मामले की जांच कई पहलुओं से की जा रही है।

मौत की खबर फैलते ही हाईवे पर उमड़ी भीड़

घटना की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और गौ-रक्षा से जुड़े लोग मौके पर पहुंच गए। गुस्साए लोगों ने दिल्ली-आगरा हाईवे पर जाम लगा दिया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन कुछ ही देर में उग्र हो गया और भीड़ ने हाईवे पर फंसे वाहनों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। पथराव में कई गाड़ियों के शीशे टूट गए, जिससे राहगीरों में दहशत फैल गई और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।

पुलिस से झड़प, कई वाहन क्षतिग्रस्त

जब पुलिस ने भीड़ को हटाने और स्थिति नियंत्रित करने की कोशिश की तो प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की स्थिति बन गई। पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी खबर है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, कई पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। हालात को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने में जुटे रहे।

दो आरोपी पकड़े गए, बाकी की तलाश जारी

स्थानीय रिपोर्टों में कहा गया है कि घटना के बाद पुलिस ने संदिग्धों का पीछा किया और कुछ लोगों को पकड़ा गया, जबकि अन्य फरार हो गए। एक रिपोर्ट में एक आरोपी के पकड़े जाने और अन्य के भागने की बात कही गई है, जबकि कुछ स्थानीय विवरणों में दो लोगों की गिरफ्तारी का दावा किया गया है। अभी तक सार्वजनिक स्तर पर सभी विवरण एक जैसे नहीं हैं, इसलिए गिरफ्तारी की अंतिम संख्या पुलिस की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट मानी जाएगी। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चला रही है।

पुलिस जांच में दुर्घटना और तस्करी, दोनों एंगल

इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह है कि शुरुआती स्तर पर इसे गौ-तस्करी से जोड़कर देखा गया, लेकिन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि जिस ट्रक को रोका गया, उसमें किराना सामान था, जबकि टक्कर मारने वाला दूसरा वाहन तार से लदा बताया गया है। ऐसे में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि यह घटना सुनियोजित हमला थी या घने कोहरे और अफरातफरी के बीच हुआ हादसा। यही वजह है कि प्रशासन फिलहाल सबूत जुटाकर पूरे घटनाक्रम की कड़ी जोड़ने में लगा है।

 

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