छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र: धान खरीदी, अमानक चावल और ई-केवाईसी पर गरमाया सदन, विपक्ष का वॉकआउट

छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र

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छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के 11वें दिन सदन में कई अहम मुद्दों पर जोरदार चर्चा और हंगामा देखने को मिला। प्रश्नकाल के दौरान धान खरीदी, साख समितियों में खर्च पर रोक, आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति, कोरबा में अमानक चावल खरीदी और ई-केवाईसी के कारण राशन नहीं मिलने जैसे मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। कई मामलों में सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने सदन से वॉकआउट भी किया।

धान की रिसाइकिलिंग और खरीदी बंद होने पर उठे सवाल

प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक रामकुमार यादव ने धान की रिसाइकिलिंग रोकने के फैसले को लेकर सरकार से सवाल किया। उन्होंने कहा कि धान का उठाव समय पर नहीं होने से किसानों को भारी परेशानी हुई। उन्होंने यह भी पूछा कि इस स्थिति के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सरकार ने क्या कार्रवाई की है। रामकुमार यादव ने सक्ती जिले का जिक्र करते हुए कहा कि वहां करीब 30 करोड़ रुपये मूल्य के धान को चूहों द्वारा नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है, जो बेहद गंभीर मामला है।

खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने जवाब देते हुए बताया कि इस साल प्रदेश में 47.41 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई है, जिसमें से 44.25 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि करीब 3 लाख मीट्रिक टन धान शेष है, जिसे मार्च के पहले उठा लिया जाएगा।

600 करोड़ के धान को लेकर विपक्ष का आरोप

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकार ने अपने जवाब में यह माना है कि धान की रिसाइकिलिंग की जा रही थी, इसी कारण धान खरीदी बंद कर दी गई। इसके चलते किसान अपना धान नहीं बेच पाए।

उन्होंने कहा कि करीब 600 करोड़ रुपये मूल्य का धान नहीं बिक पाया, जिसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं रामकुमार यादव ने भी कहा कि सूखत या धान खराब होने की जिम्मेदारी केवल समितियों के प्रबंधकों पर डालना उचित नहीं है।

आंगनबाड़ी केंद्रों में सुविधाओं की कमी का मुद्दा

सदन में बस्तर संभाग के आंगनबाड़ी केंद्रों में मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठा। कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल ने पूछा कि प्रदेश में कुल कितने आंगनबाड़ी और मिनी आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं और उनमें से कितने भवनविहीन या जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि प्रदेश में कुल 9876 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इनमें से 7667 केंद्रों के पास भवन उपलब्ध हैं, जबकि 2209 केंद्र भवनविहीन हैं। उन्होंने कहा कि बजट की उपलब्धता के अनुसार भवन निर्माण और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।

कोरबा में अमानक चावल खरीदी का मामला

कोरबा जिले में अमानक चावल खरीदी का मामला भी सदन में उठा। कांग्रेस विधायक ब्यास कश्यप ने आरोप लगाया कि अन्य जिलों के कर्मचारियों की आईडी का उपयोग कर अमानक चावल की खरीदी की गई। उन्होंने बताया कि बालोद, बेमेतरा और जशपुर जिलों के कर्मचारियों की आईडी का इस्तेमाल किया गया और खरीदे गए चावल में से 8153.48 क्विंटल चावल अमानक पाया गया, जिसकी कीमत करीब 3.34 करोड़ रुपये बताई जा रही है। उन्होंने पूरे मामले की जांच की मांग की।

खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि मामले में कार्रवाई करते हुए एक कनिष्ठ सहायक और एक कनिष्ठ तकनीकी सहायक को निलंबित किया गया है। साथ ही संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है और जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सरकार पर दोषियों को बचाने का आरोप लगाते हुए सदन में नारेबाजी की और वॉकआउट कर दिया।

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बारदाना खरीदी और खर्च का मुद्दा

विधायक पुरंदर मिश्रा ने बारदाना खरीदी से जुड़ी प्रक्रिया और जिलेवार खर्च की जानकारी मांगी। उन्होंने पूछा कि अगर कहीं गड़बड़ी सामने आई है तो उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। इस पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने बताया कि प्रदेश में 4.31 लाख गठान बारदानों की खरीदी की गई है। यह खरीदी जूट कमिश्नर के माध्यम से की जाती है और इस पर अब तक 1721 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है।

ई-केवाईसी के कारण राशन नहीं मिलने पर हंगामा

बिलासपुर जिले में ई-केवाईसी अपडेट नहीं होने के कारण राशन नहीं मिलने का मुद्दा भी सदन में उठा। कांग्रेस विधायक दिलीप लहरिया ने कहा कि कई राशन कार्डधारी इस वजह से राशन से वंचित हो रहे हैं। इस पर मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि जो लोग राशन दुकान पहुंच रहे हैं उन्हें राशन दिया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि बिलासपुर में करीब डेढ़ लाख लोग राशन से वंचित हो गए हैं, जबकि पूरे प्रदेश में यह संख्या 30 लाख तक पहुंच सकती है।

विपक्ष ने यह भी कहा कि कई क्षेत्रों में इंटरनेट और सर्वर की समस्या के कारण ई-केवाईसी पूरी नहीं हो पा रही है। कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने पूछा कि यदि दो महीने राशन नहीं मिलता तो क्या तीन महीने का राशन एक साथ दिया जाएगा। इस मुद्दे पर सदन में जमकर हंगामा हुआ और विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया।

धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पर नई प्रक्रिया शुरू

सदन में यह भी जानकारी दी गई कि छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2006 को राज्यपाल ने पुनः विचार के लिए विधानसभा को वापस भेज दिया है। यह विधेयक पहले राष्ट्रपति के पास भेजा गया था। अब इस पर विधानसभा में दोबारा चर्चा कर नया कानून पारित करने का रास्ता साफ हो गया है।

बीजापुर छात्राओं के गर्भवती होने का मामला

शून्यकाल के दौरान बीजापुर के एक सरकारी आवासीय विद्यालय की तीन छात्राओं के गर्भवती होने का मामला भी सदन में उठा। विपक्ष ने इस पर चर्चा कराने की मांग की। कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में ऐसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं और सरकार इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने आदिवासी छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए इस पर विस्तृत चर्चा कराने की मांग की।

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