पूर्व CM बघेल ने गाया ‘दे दे बुल्लवा मुसवा को’: कवर्धा धान घोटाला पर फाग गीत गाकर सरकार पर कसा तंज
पूर्व CM बघेल ने गाया ‘दे दे बुल्लवा मुसवा को’
रायपुर: होली पर्व में अब महज पांच दिन शेष हैं। इसी बीच छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन का माहौल उस समय अलग रंग में नजर आया, जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पारंपरिक फाग गीत गाकर सरकार पर चुटकी ली। उन्होंने कवर्धा की उस चर्चित घटना का जिक्र किया, जिसमें चूहों द्वारा धान खराब किए जाने की बात सामने आई थी। फाग की तर्ज पर गाए गए गीत में व्यंग्य साफ झलक रहा था।
गीत सुनते ही मीडिया गैलरी में गूंजे ठहाके
पूर्व मुख्यमंत्री ने गुनगुनाया—
“विष्णु दे दे बुल्लवा मुसवा को,
मुसवा बिन घोटाला ना होए विष्णु,
दे दे बुल्लवा मुसवा को…”
इन पंक्तियों के साथ ही छत्तीसगढ़ विधानसभा की मीडिया गैलरी में हलचल मच गई और हंसी-ठहाकों की आवाज सुनाई देने लगी। होली के पारंपरिक गीतों में सामाजिक और राजनीतिक व्यंग्य की पुरानी परंपरा रही है, और उसी अंदाज में सरकार पर तीर छोड़ा गया।
धान खरीदी को लेकर शून्यकाल में जोरदार हंगामा
फाग गीत के बाद सदन का माहौल अचानक गंभीर हो गया। शून्यकाल में धान खरीदी के मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को घेरा। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने आरोप लगाया कि किसानों को गुमराह किया गया है। विधायक उमेश पटेल ने कहा कि कई पंजीकृत किसानों से धान नहीं खरीदा गया और करोड़ों रुपये का भुगतान अब भी लंबित है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अधिकारियों के किसानों के खेत परिसरों में प्रवेश को लेकर भी सवाल उठाए और इसे किसानों के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया।
स्थगन प्रस्ताव पर बहस नहीं, विपक्षी विधायक निलंबित
धान खरीदी को लेकर विपक्ष द्वारा लाया गया स्थगन प्रस्ताव बजट सत्र का हवाला देते हुए स्वीकार नहीं किया गया। इससे नाराज विपक्षी विधायक गर्भगृह तक पहुंच गए और नारेबाजी की। सदन की परंपरा के अनुसार गर्भगृह में प्रवेश करने वाले विधायकों को निलंबित कर दिया गया, जिसके बाद विपक्ष सदन से बाहर चला गया।
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