Gold-Silver Price : एक झटके में 15,200 रुपये महंगी हुई चांदी, सोने की कीमतों में भी जोरदार उछाल

Gold-Silver Price

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Gold-Silver Price : अमेरिका–ईरान के बीच बढ़ते तनाव और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 15 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ के ऐलान ने वैश्विक बाजारों में हलचल बढ़ा दी है। इसका सीधा असर निवेशकों की रणनीति पर पड़ा है और वे तेजी से शेयर बाजार से पैसा निकालकर सोने-चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।

Gold-Silver नई ऊंचाइयों पर

आज सुबह करीब 9:05 बजे MCX पर अप्रैल डिलीवरी वाला गोल्ड फ्यूचर्स 1,60,600 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। यह शुक्रवार के बंद भाव से करीब 3,700 रुपये यानी 2.4 प्रतिशत की तेज बढ़त है। वहीं, MCX पर मार्च डिलीवरी वाले सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट्स में भी जोरदार उछाल देखने को मिला। चांदी के भाव करीब 6 प्रतिशत या 15,200 रुपये चढ़कर 2,68,120 रुपये प्रति किलो के आसपास कारोबार करते नजर आए।

अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो COMEX पर सोना करीब 2 प्रतिशत या 109 डॉलर की तेजी के साथ लगभग 5,189.60 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था। वहीं चांदी में भी 6 प्रतिशत से ज्यादा की उछाल दर्ज की गई और भाव 87.505 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गए।

अमेरिका–ईरान तनाव का असर

अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव का असर ग्लोबल इक्विटी मार्केट पर साफ दिखाई दे रहा है। गुरुवार को भारतीय शेयर बाजारों में भी भारी बिकवाली देखने को मिली थी। इसी बीच ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान न्यूक्लियर डील को लेकर गंभीर बातचीत नहीं करता, तो हालात जंग तक पहुंच सकते हैं।

तनाव के मद्देनजर अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है। इस क्षेत्र में यूएसएस अब्राहम लिंकन जैसे एयरक्राफ्ट कैरियर, डेस्ट्रॉयर सहित करीब 13 युद्धपोत तैनात किए गए हैं। इसके अलावा दुनिया के सबसे खतरनाक न्यूक्लियर एयरक्राफ्ट कैरियर USS Gerald R. Ford को भी भूमध्य सागर में प्रवेश करते हुए देखा गया है।

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ग्लोबल ट्रेड में बढ़ी अनिश्चितता

Gold-Silver Price : दूसरी ओर, ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को पहले अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने गैर-कानूनी करार दिया था। इसके बाद उन्होंने सभी देशों से आयात पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए और फिर अचानक इसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया। इस फैसले ने वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता का माहौल और गहरा कर दिया है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।

क्यों Gold-Silver बनते हैं पहली पसंद?

अनिश्चितता और संकट के दौर में सोना-चांदी हमेशा निवेशकों का भरोसेमंद विकल्प रहे हैं। इतिहास गवाह है कि जब बाजारों में गिरावट आती है और कंपनियों के शेयर कमजोर पड़ते हैं, तब सोने-चांदी की कीमतें मजबूत होती हैं। महंगाई बढ़ने पर भी इनकी वैल्यू बढ़ती है, जिससे निवेशकों की क्रय शक्ति सुरक्षित रहती है।

इसके अलावा, शेयर बाजार और गोल्ड मार्केट का रिश्ता अक्सर उल्टा देखा गया है। जब शेयर बाजार गिरता है, तब सोना-चांदी चढ़ते हैं। ऐसे में निवेशक नुकसान कम करने और पोर्टफोलियो को संतुलित रखने के लिए सोने-चांदी में निवेश बढ़ा देते हैं। यही वजह है कि वैश्विक संकट और अनिश्चितता के समय में सोना-चांदी आज भी निवेशकों की पहली पसंद बने हुए हैं।

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