बोर्ड परीक्षा से पहले बड़ा खेल: केंद्राध्यक्ष नियुक्ति में नियमों की अनदेखी

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में Chhattisgarh Board of Secondary Education की 10वीं–12वीं बोर्ड परीक्षाओं को लेकर बड़ी अनियमितता सामने आई है। केंद्राध्यक्ष नियुक्ति प्रक्रिया में नियमों को ताक पर रखे जाने का आरोप लगाया गया है, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

प्राचार्यों को हटाकर जूनियर व्याख्याताओं की नियुक्ति

जानकारी के अनुसार रायगढ़ विकासखंड के तिलगा, नटवर और तारापुर स्थित परीक्षा केंद्रों में पहले प्राचार्यों को केंद्राध्यक्ष बनाया गया था। लेकिन अचानक बिना ठोस कारण बताए उन्हें हटाकर जूनियर व्याख्याताओं को केंद्राध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया। यह निर्णय माध्यमिक शिक्षा मंडल के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के विपरीत बताया जा रहा है।

सचिव के निर्देशों की अनदेखी का आरोप

माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव द्वारा पहले ही यह स्पष्ट किया जा चुका है कि जहां पर्याप्त संख्या में प्राचार्य उपलब्ध हों, वहां केंद्राध्यक्ष की जिम्मेदारी उन्हीं को सौंपी जाए। इसके बावजूद रायगढ़ शिक्षा विभाग पर इन निर्देशों की अनदेखी करने और मनमानी नियुक्तियां करने का आरोप लगा है।

विवादित शिक्षक को बनाया गया केंद्राध्यक्ष

सबसे गंभीर मामला तारापुर परीक्षा केंद्र से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां एक ऐसे व्याख्याता को केंद्राध्यक्ष बनाया गया है जिनका नाम पूर्व में नकल प्रकरणों से जुड़ चुका है। इस नियुक्ति ने परीक्षा की विश्वसनीयता को लेकर गंभीर आशंकाएं पैदा कर दी हैं।

पारदर्शिता के लिए तुरंत कार्रवाई की मांग

शिक्षाविदों और अभिभावकों का कहना है कि बोर्ड परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विवादित और जूनियर शिक्षकों को तत्काल हटाया जाए तथा अनुभवी प्राचार्यों को ही केंद्राध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जाए। उन्होंने माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव से पूरे मामले में तुरंत संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

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