Madhya Pradesh Budget 2026: मोहन सरकार का तीसरा बजट आज होगा पेश, राज्य की वित्तीय स्थिति और विकास योजनाओं पर नजरें

Madhya Pradesh Budget 2026: मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार बुधवार को अपना तीसरा आम बजट पेश करेगी। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा सुबह 11 बजे मध्य प्रदेश विधानसभा में बजट भाषण शुरू करेंगे। अनुमान है कि 2026-27 का बजट आकार करीब पौने पांच लाख करोड़ रुपए के आसपास रहेगा, जबकि राज्य पर मौजूदा कर्ज 4 लाख 94 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है।

पूजा और मंत्रिमंडल में चर्चा से पहले बजट पेश

बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री देवड़ा अपने निवास पर पूजा-अर्चना करेंगे और न्यू मार्केट स्थित हनुमान मंदिर में माथा टेकेंगे। इसके बाद बजट पर अंतिम चर्चा मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ की जाएगी। मंगलवार को मंत्रालय में अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी सहित वित्त विभाग के अधिकारियों के साथ बजट को अंतिम रूप दिया गया।

तीन साल का रोडमैप पेश करेगी सरकार

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस बजट को “अनूठा नवाचार” करार दिया है। इसमें सिर्फ 2026-27 का विस्तृत प्रावधान ही नहीं, बल्कि अगले दो वर्षों की विकास योजनाओं की रूपरेखा भी शामिल होगी। सरकार इसे दीर्घकालिक विकास दृष्टि से महत्वपूर्ण बता रही है।

युवाओं, किसानों और महिलाओं के लिए उम्मीदें

प्रदेश के युवाओं को रोजगार के नए अवसरों की घोषणा की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार एक साल में 50 हजार नई नौकरियों का ऐलान कर सकती है। विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G RAM G) के लिए बजट में 30% से अधिक वृद्धि का संकेत है।

कर्मचारियों के लिए नया वेतन-भत्ता फार्मूला तैयार किया गया है, जिसमें 3% वार्षिक वेतन वृद्धि और महंगाई भत्ते की गणना 74%, 84% और 94% के स्तर पर की जा सकती है।

किसानों के लिए योजनाएं

हर जिले में फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने की योजना

सिंचाई बजट को 17,214 करोड़ से बढ़ाकर 19-20 हजार करोड़ रुपए

सोयाबीन और अन्य नकदी फसलों पर भावांतर योजना

WINDS (Weather Information Network and Data System) के लिए 434 करोड़ रुपए

फ्री बीज योजना की संभावित शुरुआत

महिलाओं के लिए प्रावधान

स्वास्थ्य और महिला कल्याण के लिए 5,333 करोड़ रुपए

लाड़ली बहना योजना के लिए 23 हजार करोड़

लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 1,200 करोड़ रुपए का प्रावधान संभव

सिंहस्थ 2028 के लिए विशेष प्रावधान

2028 में होने वाले सिंहस्थ महापर्व को लेकर राज्य सरकार विशेष प्रावधान कर सकती है। केंद्र सरकार ने 1 फरवरी के बजट में सिंहस्थ के लिए कोई अलग से प्रावधान नहीं किया, इसलिए राज्य सरकार इसे अपने बजट में शामिल कर सकती है।

विपक्ष का हमला

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बजट को जमीनी हकीकत से दूर बताते हुए आरोप लगाया कि इससे प्रदेश को कोई नई सौगात नहीं मिलेगी। उनका कहना है कि यह बजट एससी, एसटी, ओबीसी और किसानों के हित में नहीं होगा और पुरानी योजनाओं को नए आंकड़ों के साथ पेश किया जाएगा।

सदन में हंगामे के आसार

बजट सत्र के तीसरे दिन सदन में विपक्ष के विरोध की संभावना है। दूषित पानी, किसान कर्ज, सरकारी भर्ती, महिला अपराध, भ्रष्टाचार, मनरेगा भुगतान और दलित-आदिवासी अधिकारों जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी है।

अनुपूरक बजट भी पेश

वित्त मंत्री ने 2026-27 के चालू वित्तीय वर्ष का तीसरा अनुपूरक बजट 19,287 करोड़ 32 लाख रुपए पेश किया है, जिस पर 23 फरवरी को चर्चा होगी। साथ ही, आर्थिक सर्वेक्षण भी सदन में प्रस्तुत किया गया।

विधानसभा सत्र की कार्यवाही

विधानसभा का बजट सत्र 6 मार्च तक चलेगा। इस दौरान 3,478 प्रश्न, 236 ध्यानाकर्षण, 10 स्थगन प्रस्ताव और 41 अशासकीय संकल्प प्रस्तुत किए जाएंगे। शून्यकाल में 83 मुद्दों पर चर्चा प्रस्तावित है।

प्रदेश की जनता की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि यह बजट विकास, कल्याण और वित्तीय संतुलन के बीच किस प्रकार तालमेल बैठाता है।

Youthwings