अपशिष्ट जल से फसल खराब होने पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, मक्का प्लांट में घुसकर की तोड़-फोड़
कोण्डागांव। छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले के कोकोड़ी गांव में स्थित मां दंतेश्वरी मक्का प्रसंस्करण प्लांट में देर रात ग्रामीणों ने घुसकर जमकर हंगामा किया। आक्रोशित ग्रामीणों ने प्लांट परिसर में खड़ी कार, ट्रैक्टर सहित कई वाहनों में तोड़फोड़ कर दी। घटना में प्रारंभिक तौर पर 10 से 20 लाख रुपये तक के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
ग्रामीणों का मुख्य आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट से निकलने वाला तरल अपशिष्ट (वेस्ट) उनके खेतों तक पहुंच रहा है, जिससे फसलें खराब हो रही हैं। किसानों का कहना है कि वे लंबे समय से प्रशासन को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी नाराजगी के चलते ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से प्लांट का घेराव कर दिया।
रातभर चला हंगामा
बताया जा रहा है कि रातभर गांव के लोगों ने प्लांट को चारों ओर से घेर रखा। बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। एक वाहन चालक को जान बचाने के लिए रातभर जंगल में छिपकर रहना पड़ा। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कुछ समय के लिए पुलिस बल को भी पीछे हटना पड़ा।
ग्रामीणों ने प्लांट के एमडी विनोद खन्ना पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि प्रबंधन की लापरवाही और नियमित निगरानी के अभाव में समस्या बढ़ती गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्लांट प्रबंधन समय रहते शिकायतों पर ध्यान देता तो हालात इस स्तर तक नहीं पहुंचते। हालांकि, प्रबंधन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सूचना मिलते ही छत्तीसगढ़ पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। कोण्डागांव के एसपी, एसडीएम सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। एहतियातन क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। हालांकि गांव में अभी भी तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है और प्रदूषण से जुड़े आरोपों की भी जांच की जाएगी। अधिकारियों ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल कोकोड़ी गांव में हालात तनावपूर्ण हैं और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
