एमएम नरवणे की उस किताब में आखिर क्या है… जिसे लेकर संसद में मचा बवाल, लोकसभा में बोलने पर अड़े राहुल गांधी?

पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (एमएम नरवणे) की आत्मकथा ‘Four Stars of Destiny: An Autobiography’ को लेकर संसद में भारी हंगामा मच गया।

बजट सत्र के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने किताब के कुछ अंशों का जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा। जैसे ही राहुल गांधी किताब के हिस्से पढ़ने लगे, स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें बीच में रोक दिया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों के बीच जोरदार हंगामा और नारेबाजी हुई।

किताब में क्या खुलासे?

यह 448 पेज की आत्मकथा जनरल नरवणे के 40 साल के सैन्य करियर की पूरी कहानी बताती है। इसमें शामिल प्रमुख बिंदु

सिक्किम में चीन से पहली मुलाकात।

गलवान घाटी क्लैश।

LoC पर फायरिंग और पाकिस्तान के साथ सीजफायर।

आधुनिक युद्ध के लिए सेना की तैयारियां।

2020 का लद्दाख स्टैंडऑफ: 31 अगस्त 2020 को पैंगोंग त्सो के साउथ बैंक पर चीनी PLA ने टैंक और सैनिक भेजे। भारतीय पोजीशंस पर टैंक कुछ सौ मीटर दूर थे। स्थिति ‘टेंसे और ब्रेकिंग पॉइंट’ के करीब थी। नॉर्दर्न कमांड चीफ लेफ्टिनेंट जनरल योगेश जोशी ने नरवणे को रात 8:15 बजे फोन किया। नरवणे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, NSA अजीत डोभाल, CDS बिपिन रावत और विदेश मंत्री एस जयशंकर को फोन किया और पूछा- ‘मेरे ऑर्डर्स क्या हैं?’

 

किताब में नरवणे ने लिखा कि उन्हें ‘हॉट पोटैटो’ थमा दिया गया। कोई क्लियर फायरिंग ऑर्डर नहीं आया। ‘टॉप से क्लियरेंस’ तक फायर न करने का प्रोटोकॉल था।

अग्निपथ स्कीम: जून 2022 में लॉन्च हुई योजना से आर्मी सरप्राइज हुई। मूल प्रपोजल में 75% रिक्रूट्स को रिटेन करने की बात थी, लेकिन फाइनल स्कीम में सिर्फ 25% रिटेन हुए। शुरुआती सैलरी 20 हजार रुपये को नरवणे ने ‘अनएक्सेप्टेबल’ कहा। बाद में इसे 30 हजार कर दिया गया।

 

राहुल गांधी ने लोकसभा में क्या कहा?

 

राहुल गांधी ने एक मैगजीन के आर्टिकल का प्रिंटआउट दिखाया, जिसमें किताब के typescript (मैनुस्क्रिप्ट) से अंश छपे थे। उन्होंने कहा कि ये अंश ‘100 प्रतिशत असली’ हैं। राहुल गांधी ने लद्दाख स्टैंडऑफ और डोकलाम का जिक्र करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा पर सवाल उठाए। स्पीकर ने उन्हें बीच में रोक दिया, जिससे हंगामा बढ़ गया।

 

किताब अभी क्यों अप्रकाशित है?

किताब जनवरी 2024 में रिलीज होने वाली थी, फिर अप्रैल 2024 में टाल दी गई। अभी भी मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस (MoD) और इंडियन आर्मी इसकी सुरक्षा समीक्षा कर रहे हैं, क्योंकि इसमें संवेदनशील जानकारी (लद्दाख स्टैंडऑफ, अग्निपथ स्कीम आदि) शामिल है। पब्लिशर को एक्सट्रैक्ट्स या सॉफ्ट कॉपी सर्कुलेट न करने को कहा गया है। किताब अमेजन पर लिस्टेड है, लेकिन उपलब्ध नहीं है।

पूर्व आर्मी चीफ का बयान

अक्टूबर 2025 में हिमाचल प्रदेश के कसौली में एक लिटरेचर फेस्टिवल में जनरल नरवणे ने किताब की देरी पर कहा था:

“मुझे लगता है कि यह मैच्योर हो रही है। पुरानी शराब की तरह, जितनी देर लगेगी, यह ज्यादा विंटेज होगी। ज्यादा कीमत वाली।”

यह विवाद राष्ट्रीय सुरक्षा, सैन्य नेतृत्व और राजनीतिक बयानबाजी को लेकर नई बहस छेड़ रहा है। हाईकोर्ट में सुनवाई के साथ-साथ संसद में भी इस मुद्दे पर चर्चा जारी रहने की संभावना है।

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