धान खरीदी में 384 क्विंटल गायब, प्रभारी-ऑपरेटर हटाए गए… FIR के आदेश

बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में धान खरीदी प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही और धांधली का मामला सामने आया है। कलेक्टर संबित मिश्रा के सख्त रुख के बाद पापनपाल उपार्जन केंद्र पर हुई जांच में 384 क्विंटल धान गायब पाया गया। जांच के बाद खरीदी प्रभारी और ऑपरेटर को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है तथा FIR दर्ज करने के निर्देश जारी हो चुके हैं।

 

जांच में क्या सामने आया?

शुक्रवार को तहसीलदार पंचराम सलामे और जिला विपणन अधिकारी तामेश सिंह नागवंशी की संयुक्त टीम ने पापनपाल उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण किया। भौतिक सत्यापन के दौरान अधिकारियों को हैरानी हुई जब कागजों में दर्ज मात्रा और मौके पर मौजूद धान में 384 क्विंटल का अंतर मिला।

 

जांच टीम ने गड़बड़ियां पाई

 

स्टॉक में भारी अंतर: कागजी रिकॉर्ड और वास्तविक धान की मात्रा में बड़ा फर्क।

स्टेकिंग में गड़बड़ी: धान के बोरों को व्यवस्थित तरीके से नहीं लगाया गया, जिससे सही गणना मुश्किल हो रही थी।

लेखा-जोखा में लापरवाही: भंडारण और रिकॉर्ड संधारण में भारी चूक।

 

कलेक्टर के निर्देश पर कार्रवाई

 

मामले की गंभीरता को देखते हुए समिति की प्रबंध कार्यकारिणी ने खरीदी प्रभारी और ऑपरेटर को दोषी ठहराते हुए उन्हें धान खरीदी कार्य और समिति से हटा दिया है। तहसीलदार बीजापुर ने इस मामले में FIR दर्ज करने के निर्देश जारी किए हैं। सहायक आयुक्त सहकारिता को विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

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