500 आवारा कुत्तों की सामूहिक हत्या: ग्राम पंचायत चुनावी वादों के बाद जहर देकर मारा
Telangana । देश में आवारा कुत्तों को सड़कों से हटाकर शेल्टर होम में भेजने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बीच तेलंगाना से बेहद चौंकाने वाली और दुखद खबर सामने आई है। राज्य के विभिन्न जिलों में पिछले एक हफ्ते में करीब 500 आवारा कुत्तों को जहर देकर मार दिया गया। ये हत्याएं ग्राम पंचायत चुनाव के बाद हुई हैं, जहां कुछ उम्मीदवारों ने ‘कुत्तों और बंदरों की समस्या से निजात’ का वादा किया था। चुनाव जीतने के बाद इन वादों को पूरा करने के लिए कथित तौर पर कुत्तों की सामूहिक हत्या की गई।
पुलिस जांच में पंचायत प्रतिनिधियों की संलिप्तता सामने आई है। विभिन्न मामलों में कुल 15 से अधिक लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें सरपंच, उनकी पत्नियां, पंचायत सचिव और किराए पर लिए गए व्यक्ति शामिल हैं। पुलिस ने प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स एक्ट के तहत कार्रवाई की है।
कामारेड्डी जिले का ताजा मामला
कामारेड्डी जिले के पालवंचा मंडल के 5 गांवों भवानीपेट, पालवंचा, फरीदपेट, वाड़ी और बंदारामेश्वरपल्लीमें 6 से 11 जनवरी के बीच करीब 200 आवारा कुत्तों को जहरीली इंजेक्शन देकर मारा गया। पुलिस ने 5 सरपंचों सहित 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। एनिमल वेलफेयर एक्टिविस्ट अदुलापुरम गौथम ने मछारेड्डी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई, जहां उन्होंने कुत्तों के शव देखे और जांच में पता चला कि आसपास के गांवों में भी ऐसी घटनाएं हुईं। शवों को गांव के बाहर दफनाया गया था, लेकिन वेटरनरी टीम ने पोस्टमॉर्टम के लिए निकाला और विष के नमूने फॉरेंसिक लैब भेजे गए हैं।
हनमकोंडा जिले में पहले का मामला
इससे पहले हनमकोंडा जिले के श्यामपेट और अरेपल्ली गांवों में 6 से 9 जनवरी के बीच लगभग 300 कुत्तों को जहर देकर मारा गया। यहां पुलिस ने 2 महिला सरपंचों, उनके पतियों, पंचायत सचिवों और 2 किराए के लोगों सहित 9 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। आरोप है कि सरपंचों ने कुत्तों को मारने के लिए लोगों को हायर किया था।
चुनावी वादों का काला सच
दिसंबर 2025 में हुए ग्राम पंचायत चुनावों में कुछ प्रत्याशियों ने आवारा कुत्तों की समस्या से छुटकारा दिलाने का वादा किया था। जीत के बाद ये वादे कुत्तों को जहर देकर ‘पूरे’ किए जा रहे हैं। एक्टिविस्ट्स का कहना है कि जहर देकर मारना समस्या का हल नहीं है, बल्कि यह क्रूरता है और कानून का उल्लंघन है।
सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने 13 जनवरी को आवारा कुत्तों के मामले में सुनवाई के दौरान राज्यों पर भारी जुर्माना लगाने की चेतावनी दी। जस्टिस विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एनवी अंजरिया की बेंच ने कहा कि डॉग बाइट से हर मौत या चोट के लिए राज्य सरकारों पर भारी मुआवजा लगाया जाएगा, क्योंकि पिछले 75 सालों में नियमों का पालन नहीं हुआ। कोर्ट ने कुत्तों को खिलाने वालों की भी जिम्मेदारी तय करने पर विचार जताया और कहा कि अगर इतना प्यार है तो उन्हें घर में रखें, सड़कों पर क्यों घूमने दें जहां वे बच्चे-बुजुर्गों पर हमला करते हैं। कोर्ट ने ABC (एनिमल बर्थ कंट्रोल) नियमों के लागू न होने पर केंद्र और राज्यों की कड़ी आलोचना की। अगली सुनवाई 20 जनवरी को होगी।
