‘गुटखा किंग’ गुरमुख जुमनानी पर GST की बड़ी कार्रवाई, 317 करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाई गई
दुर्ग, छत्तीसगढ़। राज्य जीएसटी विभाग ने दुर्ग के चर्चित गुटखा कारोबारी गुरमुख जुमनानी पर 317 करोड़ रुपये की भारी-भरकम पेनल्टी लगाई है। जुमनानी पिछले पांच वर्षों से ‘सितार’ ब्रांड का तंबाकू युक्त गुटखा बनाकर पूरे राज्य में बेच रहे थे, जो पूरी तरह प्रतिबंधित है। इस अवैध कारोबार के चलते विभाग ने पांच साल की अवधि के आधार पर टैक्स और पेनल्टी की राशि निर्धारित की है।
जीएसटी अधिकारियों के अनुसार, पूरा धंधा सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा था। गुरमुख के पिता किराए के एग्रीमेंट कर गोदाम लेते थे, जहां पैकिंग होती थी। उसके बाद बोरे में भरकर गुटखा दुकानों तक सप्लाई किया जाता था। जांच के दौरान कई पुराने रेंट एग्रीमेंट से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए गए। बाजार में ‘सितार’ गुटखे की कीमत मात्र 2 रुपये थी। फॉर्मूला बनाने वाले दीपक पांडे ने बताया कि मशीन से 1 मिनट में 250 पैकेट तैयार होते थे, जबकि एक दिन में 50 बोरा गुटखा बिकता था। मजदूर महीने में सिर्फ 18 दिन काम करते थे।
जुलाई 2025 में जीएसटी टीम ने जोरातराई और गनियारी स्थित फैक्टरियों पर छापा मारा, जहां सिर्फ पैकिंग होती पाई गई। रॉ मटेरियल गुरमुख के बेटे सागर जुमनानी की राजनांदगांव स्थित ‘कोमल फूड’ फैक्ट्री में तैयार किया जाता था, जो सरकारी दस्तावेजों में मीठी सुपारी बनाने के लिए रजिस्टर्ड थी। मजदूरों की सप्लाई छिंदवाड़ा के लेबर कॉन्ट्रैक्टर बबलू करता था। गुटखा उत्पादन रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक चलता था। वर्ष 2021 से 2025 तक रायपुर, राजनांदगांव और दुर्ग में किराए के गोदामों से यह कारोबार संचालित होता रहा।
कार्रवाई के बाद खाद्य विभाग ने फैक्ट्री को सील किया, लेकिन गुरमुख ने टीन शेड तोड़कर मशीनें और सामान निकाल लिया। सूत्रों के मुताबिक, वह दो पार्टनरों के साथ दुर्ग में शराब बॉटलिंग प्लांट शुरू करने की तैयारी में था।
वर्ष 2023 में मोहन नगर पुलिस ने गुरमुख और उसके रिश्तेदार जगदीश को NDPS एक्ट में गिरफ्तार किया था। पिछले सौ दिनों से वह जेल में बंद है। सेशन कोर्ट ने जमानत खारिज कर दी, जबकि सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई फरवरी तक टल गई। छापेमारी के बाद गुरमुख फरार हो गया था, लेकिन खाद्य विभाग और पुलिस से सूचनाएं लीक होने के कारण उसे पकड़ने में दो महीने लगे।
