नेशनल रोवर-रेंजर जंबूरी में भ्रष्टाचार का आरोप, कांग्रेस नेता सुबोध हरितवाल की याचिका CGM कोर्ट में स्वीकार
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बालोद में आयोजित नेशनल रोवर-रेंजर जंबूरी को लेकर कांग्रेस प्रदेश महामंत्री सुबोध हरितवाल ने गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस मामले में CGM कोर्ट में याचिका दायर की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया है। कोर्ट ने प्रकरण की सुनवाई के लिए 20 जनवरी की तारीख तय की है।
सुबोध हरितवाल ने शिक्षा मंत्री, जिला प्रशासन के अधिकारियों और बिना टेंडर कार्य कराने वालों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि जंबूरी 2026 के आयोजन में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। इस संबंध में ACB–EOW न्यायालय में भी शिकायत दर्ज कराई गई है।
सुबोध के अनुसार, जंबूरी के दौरान लगभग 2 करोड़ रुपये खर्च कर अस्थायी टॉयलेट बनाए गए, जबकि इससे कम राशि में स्थायी निर्माण संभव था। उन्होंने टेंट और बच्चों की वास्तविक संख्या पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पूरा प्रदेश इन व्यवस्थाओं को देख चुका है। उनका आरोप है कि इस पूरे मामले में कई अधिकारी सीधे तौर पर शामिल हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि न्यायालय से उन्हें न्याय मिलेगा।
धान घोटाले पर तीखा तंज
धान खरीदी केंद्रों में कथित गड़बड़ी को लेकर भी सुबोध हरितवाल ने सरकार पर निशाना साधा। कवर्धा के बाद महासमुंद में चूहों द्वारा धान खाए जाने के मामलों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने सांसद बृजमोहन अग्रवाल के बयान पर तंज कसा। सुबोध ने कहा कि धान का सड़ना या चूहों द्वारा खा जाना, इससे बड़ा दुर्भाग्य कुछ नहीं हो सकता।
उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि सरकार को अब बिल्लियों के लिए भी टेंडर निकाल देना चाहिए, ताकि धान खरीदी केंद्रों के चूहे खत्म हो सकें। सुबोध ने आरोप लगाया कि ये चार पैर वाले नहीं, बल्कि “दो पैर वाले चूहे” हैं, जो भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। उन्होंने मांग की कि ऐसे भ्रष्टाचारियों को पकड़ने के लिए भी अलग से टेंडर निकाला जाए।
सुबोध हरितवाल ने बताया कि कांग्रेस पार्टी लगातार धान खरीदी केंद्रों का दौरा कर रही है और व्यवस्थाओं की जांच कर रही है।
