Iran Protest: ईरान में हाहाकार, विरोध प्रदर्शन के बीच रियाल की कीमत शून्य के करीब
Iran Protest: ईरान में इस्लामिक शासन के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच देश की अर्थव्यवस्था गहरे संकट में फंसती नजर आ रही है। हालात ऐसे हैं कि ईरानी मुद्रा रियाल की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई है। यूरो के मुकाबले एक रियाल की वैल्यू लगभग शून्य हो चुकी है, जिससे आम लोगों की परेशानी और गुस्सा दोनों बढ़ गए हैं।
बताया जा रहा है कि फिलहाल 1 यूरो की कीमत ईरान में करीब 1.72 मिलियन (17.2 लाख) रियाल के बराबर हो गई है। मुद्रा में इस भारी गिरावट ने राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में विरोध प्रदर्शनों को और तेज कर दिया है।
भारतीय रुपये के मुकाबले रियाल की स्थिति
अगर भारतीय मुद्रा के संदर्भ में देखें तो:
1 ईरानी रियाल = 0.000091 भारतीय रुपये
1 भारतीय रुपया = 11,021.31 ईरानी रियाल
रियाल की यह कमजोरी साफ तौर पर ईरान की बदहाल आर्थिक स्थिति को दर्शाती है।
आर्थिक संकट से शुरू हुआ आंदोलन
ईरान में विरोध प्रदर्शन की शुरुआत 28 दिसंबर 2025 को आर्थिक मुद्दों को लेकर हुई थी। महंगाई, बेरोजगारी, गिरती मुद्रा और बढ़ती कीमतों से परेशान जनता सड़कों पर उतर आई। इसी दौरान रियाल की तेज गिरावट ने हालात को और विस्फोटक बना दिया।
धीरे-धीरे यह आंदोलन केवल आर्थिक मांगों तक सीमित न रहकर अयातुल्लाह अली खामेनेई के शासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ व्यापक विरोध में बदल गया।
इस्लामिक शासन के खिलाफ खुला जनआक्रोश
देश की बिगड़ती हालत से नाराज ईरान की जनता—जिसमें युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी शामिल हैं—खुले तौर पर इस्लामिक शासन का विरोध कर रही है। कई इलाकों में “खामेनेई मुर्दाबाद” के नारे गूंज रहे हैं।
वहीं, प्रदर्शनकारियों का एक वर्ग ईरान के अंतिम शाह के बेटे रजा पहलवी की देश में वापसी की मांग भी कर रहा है। गौरतलब है कि उनके पिता को 1979 की इस्लामिक क्रांति के दौरान सत्ता से बेदखल कर दिया गया था।
