Gariaband Naxal Encounter: नक्सल मुक्त गरियाबंद की ओर बड़ा कदम, मुठभेड़ के बाद कैंप ध्वस्त

गरियाबंद। Gariaband Naxal Encounter: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में नक्सलियों के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान अब निर्णायक चरण में पहुंच चुका है। नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे के लक्ष्य के साथ सुरक्षा बलों ने जंगलों में सर्चिंग और गश्त तेज कर दी है। इसी कड़ी में बीती रात शोभा थाना क्षेत्र के घने जंगलों में पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। दोनों ओर से कई घंटों तक लगातार गोलियां चलीं, जिसके बाद अंधेरे का फायदा उठाकर नक्सली मौके से फरार हो गए।

मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान नक्सलियों के अस्थायी कैंप का पता चला, जहां से दैनिक उपयोग की सामग्री, नक्सली साहित्य और अन्य संदिग्ध सामान बरामद किया गया। सुरक्षा कारणों से मौके पर ही नक्सली कैंप और बरामद सामग्री को नष्ट कर दिया गया।

एडिशनल एसपी धीरेंद्र पटेल ने बताया कि एक साल पहले गरियाबंद और आसपास के इलाकों में करीब 120 नक्सली सक्रिय थे, जिनकी संख्या अब घटकर लगभग 24 रह गई है। अब तक 30 नक्सली मारे जा चुके हैं, 30 ने आत्मसमर्पण कर दिया है, जबकि कई अन्य दूसरे क्षेत्रों में भाग चुके हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल तय समय-सीमा के भीतर गरियाबंद जिले को नक्सल मुक्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। आने वाले ढाई महीनों में अभियान और तेज किया जाएगा। साथ ही नक्सलियों से मुख्यधारा में लौटने और आत्मसमर्पण करने की अपील भी की गई है।

सुकमा में भी सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी

इधर नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में भी सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। सर्च ऑपरेशन के दौरान जवानों ने जंगल और पहाड़ी इलाकों में छुपाकर रखा गया नक्सलियों का डंप बरामद किया है। इस कार्रवाई में भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और हथियार जब्त किए गए हैं।

जानकारी के मुताबिक गोगुंडा कैंप से सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम सर्चिंग पर निकली थी। इसी दौरान जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा छुपाकर रखे गए सामान का पता चला। इलाके की घेराबंदी कर जब गहन तलाशी ली गई तो नक्सलियों का बड़ा डंप सामने आया। सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई को नक्सल विरोधी अभियान में एक अहम सफलता माना जा रहा है।

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