खारून नदी में गिर रहा गंदा पानी, राजेश मूणत ने अधिकारियों को 5 दिन का दिया अल्टीमेटम…
रायपुर पश्चिम के विधायक और पूर्व मंत्री राजेश मूणत विकास कार्यों की गुणवत्ता, समय-सीमा और जनहित को लेकर पूरी तरह एक्शन मोड में हैं। लगातार तीसरे दिन सुबह 8 बजे से निकले विधायक ने आज सरोना और चंदनडीह क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ रायपुर महापौर मती मीनल चौबे, नगर निगम आयुक्त विश्वदीप, लोक निर्माण विभाग और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
खारून नदी में गंदा पानी मिलने पर विधायक की नाराजगी
चंदनडीह में 80 करोड़ रुपये की लागत से बने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निरीक्षण के दौरान विधायक मूणत काफी नाराज हो गए। उन्हें पता चला कि ‘चिंगरी नाला’ का गंदा और बदबूदार पानी सीधे पवित्र खारून नदी में मिल रहा है। अधिकारियों की अदूरदर्शिता पर फटकार लगाते हुए विधायक ने कहा, “करोड़ों की लागत से एसटीपी प्लांट बनाने का क्या औचित्य, जब नाले का दूषित पानी नदी में जा रहा है? आपकी हठधर्मिता का खामियाजा जनता क्यों भुगते?”
विधायक ने अधिकारियों को 5 दिन का अल्टीमेटम देते हुए निर्देश दिए कि चिंगरी नाले के पानी के शुद्धीकरण के लिए तत्काल प्लान तैयार करें। उन्होंने दो टूक कहा, “राशि की कमी नहीं होने दी जाएगी। मैं खुद मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से बजट स्वीकृत कराऊंगा, लेकिन जनता को शुद्ध जल मिलना ही चाहिए।” लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ शासन को अनुशंसा कर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
सरोना में भव्य उद्यान और बायपास रोड का प्रस्ताव
अमृत मिशन 2.0 के तहत भारत सरकार से स्वीकृत 9 करोड़ रुपये की राशि से बनने वाले भव्य उद्यान के लिए विधायक ने सरोना स्थित शीतला मंदिर के पीछे रिक्त भूमि का निरीक्षण किया। मौके पर ही राजस्व अधिकारियों और पटवारी को सीमांकन कर लेआउट प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।
सरोना बस्ती में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए चंदनडीह से सरोना होते हुए महादेव घाट तक नए ‘बायपास रोड’ के निर्माण हेतु बजट में प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। ट्रेंचिंग ग्राउंड की सफाई का अवलोकन करते हुए आयुक्त को निर्देश दिया कि उपमुख्यमंत्री अरुण साव की घोषणा के अनुरूप निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण होना चाहिए।
विधायक का संकल्प: स्वच्छ और स्वस्थ पश्चिम
विधायक राजेश मूणत ने कहा, “मेरा संकल्प ‘स्वच्छ और स्वस्थ पश्चिम’ है। नगर निगम की नैतिक जिम्मेदारी है कि जनता को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराए और प्रदूषण मुक्त वातावरण दे। अधिकारियों की लापरवाही से यदि पवित्र खारून नदी प्रदूषित होती है या जनता के स्वास्थ्य पर संकट आता है, तो मैं चुप नहीं बैठूंगा। विकास कार्यों में अदूरदर्शिता और सरकारी धन का दुरुपयोग कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सिस्टम को सुधरना होगा, अन्यथा जवाबदेही तय होगी।”
निरीक्षण में मौजूद रहे
निरीक्षण के दौरान महापौर मीनल चौबे, आयुक्त विश्वदीप, जोन अधिकारी, मुख्यालय की योजना शाखा के अधिकारी, भू-राजस्व निरीक्षक, पटवारी, लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अभियंता और भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
विधायक मूणत के इस सघन निरीक्षण और अल्टीमेटम से क्षेत्र में विकास कार्यों की गति और गुणवत्ता पर नजर बनी हुई है। खारून नदी के प्रदूषण मुद्दे पर अब 5 दिनों के भीतर ठोस प्लान आने की उम्मीद है।
