Attack on Journalist: जब सच कैमरे में कैद होने लगा, तो बुझा दी गई लाइट, पत्रकारों पर सुनियोजित हमला

Attack on Journalist: धान खरीदी केंद्र लेंधरा (छोटे) में पत्रकारों पर हुए जानलेवा हमले और लूटपाट की घटना से पूरे सारंगढ़ जिले में दहशत का माहौल है। किसानों की शिकायतों पर न्यूज़ कवरेज करने पहुँचे पत्रकारों के साथ यह घटना हुई, जिसे लोगों ने लोकतंत्र और संविधान के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला बताया है।

किसानों की शिकायत: धान खरीदी में भारी अनियमितताएं

सेवा सहकारी समिति लेंधरा (छोटे) में किसानों ने धान खरीदी में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। किसानों के अनुसार, शासन द्वारा निर्धारित 40,600 क्विंटल की सीमा के विपरीत केंद्र में लगभग 41,500 क्विंटल धान की खरीदी की गई।

आरोप है कि सामान्य किसानों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा था, जबकि राजनीतिक प्रभाव रखने वाले लोगों को घर से ही धान तौलकर लाने की सुविधा दी जा रही थी।

शिकायतों की कवरेज करने पहुँचे थे पत्रकार

किसानों की इन्हीं शिकायतों की सच्चाई सामने लाने के लिए पत्रकार केशव वैष्णव (IND 24 न्यूज़ चैनल) और कमल सिंह यादव (जनसंपर्क भारत अखबार) धान खरीदी केंद्र पहुँचे थे।

पत्रकारों की मौजूदगी में कुछ समय तक खरीदी प्रक्रिया सही तरीके से चली, लेकिन शाम होते ही ठंड का हवाला देकर धान खरीदी रोक दी गई और किसानों को वहां से भगा दिया गया।

लाइट और CCTV बंद कर सुनियोजित हमला

पीड़ित पत्रकारों के अनुसार, जैसे ही किसान वहां से हटे, अचानक मंडी की लाइट और CCTV कैमरे बंद कर दिए गए। इसके बाद फड़ प्रभारी मोहर लाल साहू, कंप्यूटर ऑपरेटर लखन खूंटे और खिलेश्वर साहू सहित 20–25 नकाबपोश लोगों ने पत्रकारों पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया।

मोबाइल, पर्स और प्रेस आईडी की लूट

हमले के दौरान पत्रकारों के साथ मारपीट की गई, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। आरोप है कि हमलावरों ने पत्रकारों के कीमती मोबाइल फोन, पर्स और प्रेस आईडी भी लूट ली और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद केंद्र परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

राजनीतिक दबाव और अवैध वसूली का आरोप

पीड़ित पत्रकारों का आरोप है कि आरोपी खुद को राजनीतिक पार्टी से जुड़ा हुआ बताते हैं और पहले भी उनसे 20 हजार रुपये की अवैध वसूली का दबाव बना चुके थे। सच्चाई उजागर होने के डर से यह हमला किया गया।

कोसीर थाना में मामला दर्ज, जांच शुरू

घटना की सूचना मिलते ही पत्रकारों के साथी कोसीर थाना पहुँचे। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।

पहले भी हो चुके हैं पत्रकारों पर हमले

गौरतलब है कि सारंगढ़ क्षेत्र में पत्रकारों पर हमला कोई नई घटना नहीं है। कुछ समय पहले भी एक वरिष्ठ पत्रकार पर दुकान में घुसकर जानलेवा हमला हुआ था। ताजा घटना ने एक बार फिर पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पत्रकार संगठनों में आक्रोश, कार्रवाई की मांग

इस घटना के बाद पत्रकार संगठनों और मीडिया जगत में भारी रोष है। दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी, कड़ी सजा और धान खरीदी केंद्रों में फैली अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग की जा रही है।

लोगों का कहना है कि यह हमला सिर्फ पत्रकारों पर नहीं, बल्कि लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार है।

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