रायपुर में मध्य भारत का पहला Hi-Tech ISTA मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल शुरू, सीएम विष्णुदेव साय ने किया उद्घाटन

रायपुर। राजधानी रायपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई पर ले जाते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंबुजा मॉल के सामने स्थित ISTA मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल का भव्य उद्घाटन किया। यह अस्पताल मध्य भारत का पहला Hi-tech सुपरस्पेशलिटी केंद्र है, जहां अत्याधुनिक तकनीक और मानव सेवा का अद्वितीय संगम देखने को मिलेगा। 350 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में नवजात, बाल रोग, वयस्क चिकित्सा और वेलनेस सेवाओं की विशेष व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अस्पताल न केवल रायपुर बल्कि पूरे प्रदेश के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने बताया कि नवा रायपुर अटल नगर में 5000 बेड की मेडिसिटी परियोजना पर भी काम हो रहा है, जो छत्तीसगढ़ को मेडिकल हब में तब्दील करेगा।

उद्घाटन समारोह में शामिल हुए दिग्गज

कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल समेत कई विधायक और अधिकारी उपस्थित रहे।

अस्पताल की 3 प्रमुख विशेषताएं:

  1. नवजात एवं शिशु खंड (175 बेड): जन्मजात बीमारियों से लेकर गंभीर बच्चों की देखभाल के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध।
  2. वयस्क चिकित्सा खंड (175 बेड): कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, कैंसर, गैस्ट्रो जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज।
  3. वेलनेस सेंटर: नियमित हेल्थ चेकअप, रोबोटिक रिहैबिलिटेशन और फिजियोथेरेपी सेवाएं।

तकनीक और सेवा का उत्कृष्ट संगम:

  • मध्य भारत का सबसे बड़ा NICU (90 बेड): INO तकनीक से लैस, जहां 500 ग्राम तक के नवजातों को जीवनदान संभव।
  • पहला रोबोटिक रिहैब सेंटर: लकवा, हार्ट सर्जरी और जॉइंट रिप्लेसमेंट के मरीजों के लिए तेज़ रिकवरी।
  • दुनिया का सबसे एडवांस माइक्रोस्कोप – Carl Zeiss: ब्रेन ट्यूमर और जटिल न्यूरो सर्जरी के लिए उपयोगी।
  • लकवा के लिए स्पेशल यूनिट: शुरुआती 4 से 6 घंटे में लाए मरीजों का संभव इलाज।
  • स्पीच थेरेपी, ऑटिस्टिक केयर और न्यूरो साइकोलॉजी: मानसिक व व्यवहारिक बीमारियों के लिए विशेष व्यवस्था।

परिजनों की सुविधा का भी रखा गया ध्यान:

  • ICU मरीजों के परिजनों के लिए 108 रिक्लाइनर बेड-चेयर।
  • ICU एंबुलेंस सेवा।
  • आयुष्मान भारत योजना के तहत कैशलेस इलाज।
  • मोबाइल ऐप से वाइटल्स की निगरानी।

निदेशक मंडल का विश्वास:
सुनील बालानी, डॉ. राजकुमार बरनवाल, डॉ. सचिन पिटलावार और विनिता बालानी ने इसे “विश्वास, सुविधा और सेवा” का प्रतीक बताया और कहा कि यह अस्पताल छत्तीसगढ़ की चिकित्सा छवि को नई ऊंचाई देगा।

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