चुनावी रंजिश में भाजपा नेता की निर्मम हत्या, पांच आरोपी हिरासत में,दो आरोपियों की संलिप्तता के पुख्ता सबूत
कोरबा/कटघोरा। जनपद सदस्य एवं वरिष्ठ भाजपा नेता अक्षय गर्ग की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस को अहम सफलता मिली है। आईजी डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन और एसपी सिद्धार्थ तिवारी की निगरानी में की गई सघन जांच के बाद इस सनसनीखेज हत्याकांड की कड़ियां तेजी से जुड़ती नजर आ रही हैं। पुलिस जांच अब राजनीतिक रंजिश के निर्णायक बिंदु तक पहुंच चुकी है।
मुख्य आरोपी और साजिशकर्ता पुलिस हिरासत में
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस जघन्य वारदात में कुल पांच लोगों की संलिप्तता सामने आई है। टंगिया (कुल्हाड़ी) से हमला करने वाला मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है, वहीं हत्या की साजिश रचने वाला प्रमुख षड्यंत्रकारी भी हिरासत में लिया जा चुका है।
चुनावी विवाद से जन्मी दुश्मनी
प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे चुनावी रंजिश को मुख्य कारण माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि जनपद पंचायत क्षेत्र बिंझरा के चुनाव में अक्षय गर्ग की जीत के बाद उनके प्रतिद्वंद्वी मुश्ताक से विवाद गहराता गया था। करीब एक साल पहले चुनावी हार को लेकर दोनों पक्षों में मारपीट की घटना भी हुई थी, जिसके बाद से बदले की भावना लगातार बढ़ती चली गई।
तीन आरोपी फरार, तलाश जारी
वारदात के वक्त वाहन में मौजूद तीन अन्य आरोपी, जिन्होंने चाकू से हमला किया था, फिलहाल फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त वाहन भी बरामद कर लिया है। जानकारी के मुताबिक, यह वाहन मुख्य साजिशकर्ता द्वारा हाल ही में एक ग्रामीण से खरीदा गया था। इस मामले में मुश्ताक, अर्बन कुजूर और विश्वजीत ओगरे सहित कुल पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। हालांकि पुलिस के आधिकारिक बयान से पहले पूरे घटनाक्रम पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
आज हुआ अंतिम संस्कार
दिवंगत भाजपा नेता अक्षय गर्ग का अंतिम संस्कार आज कटघोरा के मलदा घाट मुक्तिधाम में किया गया। अंतिम विदाई के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।
