भारत की पाकिस्तान को दो टूक चेतावनी: आतंकवाद पर जवाब दो, PoK खाली करो, तभी होगी बात
भारत ने आतंकवाद के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति को दोहराते हुए पाकिस्तान को एक बार फिर सख्त चेतावनी दी है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने साफ शब्दों में कहा है कि भारत अब पाकिस्तान के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत तभी करेगा, जब वह आतंकवाद को समर्थन देना पूरी तरह से बंद करेगा और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) को खाली करेगा। MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “भारत-पाकिस्तान के बीच किसी तीसरे देश का दखल मंजूर नहीं है। खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते।”
“टॉक एंड टेरर साथ नहीं चल सकते”
प्रेस ब्रीफिंग के दौरान रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि भारत की नीति बहुत स्पष्ट है — “बातचीत और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते।” उन्होंने कहा, “हमने पाकिस्तान को उन कुख्यात आतंकवादियों की सूची सौंपी थी, जिन्हें भारत को सौंपने की आवश्यकता है। यदि पाकिस्तान इस पर गंभीरता से चर्चा करना चाहता है, तो हम तैयार हैं, लेकिन सिर्फ इसी विषय पर।”
सिंधु जल संधि भी ठप
भारत ने सिंधु जल संधि पर भी बड़ा फैसला लिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यह संधि तब तक स्थगित रहेगी जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं करता। जायसवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान दोहराते हुए कहा, “पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते।”
पाकिस्तान के खिलाफ वैश्विक मंच पर भारत का कड़ा रुख
रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत ने सात प्रतिनिधिमंडलों को अलग-अलग देशों में रवाना किया है, जिनमें से तीन पहले ही विदेश जा चुके हैं। इनका उद्देश्य वैश्विक मंच पर पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को दी जा रही शह को उजागर करना है।
उन्होंने कहा, “यह एक राजनीतिक मिशन है। हम दुनिया को यह संदेश देना चाहते हैं कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत अपने संकल्प पर अडिग है। हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह कर रहे हैं कि वे सीमा पार आतंकवाद के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराएं।”
तुर्की को भी दी चेतावनी
प्रेस ब्रीफिंग में तुर्की को भी भारत ने कड़ा संदेश दिया। जायसवाल ने कहा, “हमें उम्मीद है कि तुर्की पाकिस्तान से अपील करेगा कि वह सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद करे और उस आतंकी ढांचे को ध्वस्त करे जिसे उसने दशकों से संरक्षण दिया है।”
इसके साथ ही तुर्की की कंपनी सेलेबी एविएशन की सुरक्षा मंजूरी रद्द किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह फैसला नागरिक उड्डयन सुरक्षा विभाग द्वारा लिया गया है, और यह देश की सुरक्षा प्राथमिकताओं के तहत है।
बातचीत का दरवाज़ा बंद नहीं, लेकिन शर्तें साफ
भारत ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि बातचीत का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं हुआ है, लेकिन उसकी शर्तें सख्त हैं। पाकिस्तान को पहले अपने यहां पल रहे आतंकियों पर कार्रवाई करनी होगी और PoK को खाली करने पर तैयार होना होगा। तभी कोई संभावित बातचीत हो सकती है।
दो टूक नीति, कोई समझौता नहीं
भारत की हालिया रणनीति में यह साफ झलक रहा है कि वह अब पाकिस्तान को लेकर नरमी बरतने के मूड में नहीं है। न तो बातचीत, न व्यापार और न ही कूटनीतिक लचीलापन — जब तक आतंकवाद के मसले पर ठोस कार्रवाई नहीं होती। MEA के प्रवक्ता के बयानों से स्पष्ट है कि अब भारत दुनिया को साथ लेकर पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने की नीति पर काम कर रहा है।
एक सख्त संदेश, एक निर्णायक नीति – यही है भारत की नई कूटनीति।
