धागा गोदाम में लाखों की आर्थिक अनियमितता, FIR के बाद भी राजाराम बने गोदाम प्रभारी
रायपुर | छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्यादित रायपुर के अधिकारी वित्तीय अनिमियतता करने दागी कर्मचारी राजाराम देवांगन के ऊपर नियम कायदे कानून को ताक में रखकर इस कदर मेहबान है कि हाथकरघा विभाग के भनपुरी स्थित केन्द्रीय भण्डारण निगम तीन के गोदाम से 9 हजार 6 सौ किलो धागा के 160 बंडल जिसकी कीमत करीब 28 लाख रुपये का कच्चा माल तात्कालिक गोदाम प्रभारी राजाराम देवांगन के कार्यकाल में चोरी हो गया था | इसे लेकर 28 मई 2025 में हाथकरघा विकास एवं विपणन विभाग के अधिकारी प्रबंध संचालक श्याम धवाड़े ने दागी कर्मचारी राजाराम देवांगन पर हटाने की कार्यवाही करते हुए प्रभारी विपणन, वसूली कक्ष संघ कार्यालय रायपुर में पदस्थ कर दिए थे | इस घटना का मामला शांत होते ही पाँच महीने बाद दागी कर्मचारी राजाराम देवांगन पर विभाग के अधिकारी प्रबंध संचालक श्याम धवाड़े ने कार्यवाही करने के बजाय फिर से एक नई बड़ी जिम्मेदारी देते हुए गोदाम प्रभारी, प्रोसेस वस्त्र, ग्रे वस्त्र, रेडीमेड गणवेश, ग्रे एवं रंगीन धागा विभाग के जिम्मेदारी देकर एक नए विवाद को जन्म दे दिया है |

चोरी की घटना उजागर होने के बाद पांच महीने बाद पुलिस में हुई एफ आई आर
खमतराई पुलिस में हुए एफआईआर के मुताबिक भनपुरी स्थित केन्द्रीय भण्डारण निगम तीन चोरी की घटना 22 जून 2024 को शाम साढ़े 7 बजे हुई थी | जिसकी पाँच महीने बाद 19 अक्टूबर 2024 में तात्कालिक गोदाम प्रभारी राजाराम देवांगन के शिकायत पर एफआईआर दर्ज हुई | जब पुलिस ने इस घटना की जांच तेज की तब वारदात को लेकर कई चौकने वाले मामले सामने आए जहां पर एक सौ 60 बंडल धागा के चोरी की घटना हुई वहाँ न ताला टूटा और न ही सेंधमारी हुई ? फिर भी इतनी बड़ी मात्रा में लाखों रुपये का माल कैसे पार हो गया ? जब इस बारे में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया तब पता चला कि उस गोदाम की चाबी प्रभारी राजाराम देवांगन के पास था इस बात को स्वयं राजाराम देवांगन ने अपने एफआईआर में स्वीकार किया है | इस मामले को लेकर संभावना जतायी जा रही है कि उस चाबी की आरोपी मिथलेश श्रीवास से द्वारा डुप्लिकेट चाबी बनाकर चोरी की घटना को अंजाम देना बताया गया है |
गोदाम प्रभारी के पास ओरिजिनल चाबी तो डुप्लीकेट चाबी बना कैसे?
अब सवाल यह उठना लाज़मीं हो गया है कि जब ओरिजनल चाबी प्रभारी राजाराम देवांगन के पास था तो आरोपी मिथलेश श्रीवास ने कब और कैसे डुप्लिकेट चाबी बनाया होगा ? चोरी की घटना के खमतराई पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाने में आखिर पाँच महीने कैसे लग गए ? बाकि के 97 बंडल धागा को पुलिस ने आज तक क्यूँ बरामद नही कर सकी है ?
इस मामले को लेकर खमतराई पुलिस ने आरोपी मिथलेश श्रीवास से सिर्फ 63 बंडल धागा को ही बरामद किया है जिसे हाथकरघा विभाग को वापस सौंप दिया गया है | बाकि 97 बंडल धागा को पुलिस ने आज तक आरोपी से बरामद नहीं कर पाई है और न ही इसे लेकर कोई अब तक ठोस कार्यवाही नहीं किए है |
जिस आरोपी से 63 बेल धागा हुई बरामद वह गोदाम प्रभारी का निकला खास आदमी :सूत्र
विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जिस आरोपी दैनिक वेतनभोगी मिथलेश श्रीवास से चोरी के 63 बेल धागा पुलिस ने बरामद किए है वह तात्कालिक प्रभारी राजाराम देवांगन का खास व्यक्ति बताया जाता है | यही वजह है इस मामले को दबाने का प्रयास बड़े स्तर पर किया गया था, इस कारण से पाँच महीने तक पुलिस में एफआईआर दर्ज नही कराया गया था |
बुनकरों को नहीं मिला बुनाई के लिए तब हुआ खुलासा
इस दौरान जब प्रदेश भर के बुनकर समूहों के द्वारा बुनाई के लिए धागा के लिए बार-बार मांग करने और अधिकारियों पर दबाव पड़ने के बाद तथा बुनकरों को धागा नही मिलने से नाराज बुनकरों द्वारा बवाल मचने के बाद छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्यादित रायपुर के अधिकारीयों ने अपने स्तर में पड़ताल किए तब बड़ी मात्रा में लाखों रूपये के धागा चोरी होने का मामला उजागर हुआ |
सीए के ऑडिट रिपोर्ट में कई गंभीर आर्थिक अनिमियतता का खुलासा गोदाम प्रभारी राजाराम पर कई गंभीर आरोप
वही इसे लेकर छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्यादित रायपुर के सचिव एम एम जोशी ने सी ए जैन एम प्रसाद एन कंपनी रायपुर के ऑडिट रिपोर्ट में मिली आपत्ति का हवाला देकर वर्तमान डूमरतराई रायपुर के गोदाम प्रभारी राजाराम देवांगन को एक महीने के भीतर सीए के ऑडिट रिपोर्ट मे मिली आपत्ति का निराकरण करने के लिए कडा पत्र लिखा है | जिसमें उल्लेख किया है कि धागा चोरी के एफआईआर के आधार पर स्टॉक पंजी में बिना सक्षम प्राधिकारी के पूर्व स्वीकृति के स्टॉक घटाया गया है जो निर्धारित प्रकिया का उल्लंघन है | चोरी के माल के निपटान के लिए प्रबंध संचालक कि स्वीकृति अनुसार ही स्टॉक में समायोजन किया जाना चाहिए था, लेकिन उच्च अधिकारी के अनुमति का उल्लेख मौजूद दस्तावेज में नही है | इस प्रकार की कार्यवाही से ऐसा प्रतीत होता है कि धागा प्रभारी राजाराम देवांगन को मनमाने ढंग से स्टॉक में वृद्धि/कमी करने का अधिकार प्राप्त है, जो कि वित्तीय नियंत्रण की दृष्टि से उचित नही है | ऐसी स्थिति में या तो गोदाम प्रभारी से चोरी की मात्रा की वसूली की जाए या प्रबंध संचालक की अनुमोदन प्राप्त कर ही स्टॉक समायोजन किया जाए |

वर्सन
वही इस मामले को लेकर ज़ब हमने प्रबंध संचालक इस घटना के बारे में सवाल पूछने पर कहा कि मुझे इस बारे में कोई भी जानकारी नहीं है सचिव से बात कर सकते है l
श्याम धावडे प्रबंध संचालकछत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्यादित रायपुर
वही इस बारे में जब हमने सचिव एम एम जोशी के नंबर पर काल और मैसेज किया तब उन्होंने किसी भी प्रकार कोई जावब नहीं दिए
