अमित जोगी का बड़ा ऐलान: जनता कांग्रेस का विलय होगा कांग्रेस में, भाजपा को रोकने के लिए एकजुटता जरूरी
दुर्ग। छत्तीसगढ़ की राजनीति में बड़ा उलटफेर होने के संकेत मिले हैं। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक अमित जोगी ने भिलाई में एक निजी कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उनकी पार्टी का कांग्रेस में विलय हो जाएगा। विलय के लिए आवेदन पहले ही दे दिया गया है और अब फैसला प्रदेश एवं केंद्रीय नेतृत्व को लेना है। अमित ने इसे देश-प्रदेश हित में उठाया कदम बताया, जो व्यक्तिगत स्वार्थ से प्रेरित नहीं है।
मीडिया से रूबरू होते हुए अमित जोगी ने कहा, “हमारा उद्देश्य स्पष्ट है। छत्तीसगढ़ को ‘अडानीगढ़’ बनने से बचाने के लिए फासीवादी ताकतों को रोकना होगा। आपसी लड़ाई से यह संभव नहीं। देश में कांग्रेस की स्थिति सब जानते हैं—इनकमिंग बंद, केवल आउटगोइंग चल रहा है। पूरे देश में 42 मान्यता प्राप्त दल हैं, लेकिन हमने विलय का प्रस्ताव राज्य और राष्ट्रीय हित में दिया है। हमें मिलकर भाजपा की चुनौती का सामना करना पड़ेगा।” अमित ने जोर देकर कहा कि यह कदम भाजपा के खिलाफ मजबूत विपक्ष बनाने की दिशा में है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) की राष्ट्रीय अध्यक्ष रेणु जोगी ने दिसंबर 2024 में ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को पत्र लिखकर विलय की इच्छा जताई थी। पत्र में रेणु ने कहा था कि पार्टी की कोर कमेटी ने सर्वसम्मति से विलय का फैसला लिया है, क्योंकि जेसीसीजे की विचारधारा मूल रूप से कांग्रेस की ही है। स्वर्गीय अजीत जोगी द्वारा 2016 में स्थापित यह क्षेत्रीय दल हाल के विधानसभा चुनावों में एक भी सीट नहीं जीत सका, जिसके बाद इसका अस्तित्व संकट में आ गया। रेणु और अमित जोगी की कांग्रेस वापसी से जोगी परिवार की पुरानी निष्कासन (2016 में पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में) को भी खत्म करने की उम्मीद है।
‘कांग्रेस को अमित जोगी की जरूरत नहीं’
इस बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “कांग्रेस को अमित जोगी की कोई जरूरत नहीं है।” बघेल ने विलय पर गुण-दोष के आधार पर फैसला लेने की बात कही, लेकिन जोगी परिवार के पिछले व्यवहार का जिक्र करते हुए अस्वीकृति जताई। कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट द्वारा गठित कमेटी इस मुद्दे पर विचार कर रही है, लेकिन पार्टी के कई नेता जोगी परिवार की वापसी के खिलाफ हैं। उनका मानना है कि अमित जोगी ने 2023 विधानसभा चुनाव में पाटन से भूपेश बघेल के खिलाफ चुनाव लड़कर कांग्रेस को नुकसान पहुंचाया था।
कांग्रेस आलाकमान का फैसला तय करेगा भविष्य
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि विलय पर अंतिम निर्णय आलाकमान लेगा। रेणु-अमित की सीधी अपील न होने के बावजूद पत्र प्राप्त हुआ है, और कमेटी रिपोर्ट के आधार पर आगे बढ़ा जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि विलय होता है, तो यह भाजपा के खिलाफ विपक्षी एकता को मजबूत करेगा, खासकर आदिवासी-क्षेत्रीय मुद्दों पर। लेकिन जोगी परिवार की पुरानी कटुता के कारण यह आसान नहीं होगा। जनता कांग्रेस के विलय से कांग्रेस को जोगी समर्थक वोट बैंक मिल सकता है, लेकिन आंतरिक कलह बढ़ने का खतरा भी है।
