हाथी के हमले में पूर्व उपसरपंच की दर्दनाक मौत, वन विभाग ने जंगल जाने पर लगाई पाबंदी
सूरजपुर (छत्तीसगढ़)। जिले के रामकोला वन परिक्षेत्र में शनिवार (22 नवंबर) को एक बार फिर जंगली हाथियों का आतंक देखने को मिला। लापता गाय की तलाश और जड़ी-बूटियां लेने गए पूर्व उपसरपंच पर आक्रामक हाथी ने हमला कर दिया, जिसमें उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनके साथ गए तीन साथियों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। घटना से इलाके में दहशत फैल गई है और ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की चेतावनी के बावजूद हाथियों का विचरण जारी है।
जंगल में बाइक से घूमते समय अचानक सामना
जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब चार लोग बाइक से रामकोला वन परिक्षेत्र के जंगल में पहुंचे थे। इनमें पूर्व उपसरपंच (नाम अभी स्पष्ट नहीं) शामिल थे। वे भटकी हुई गाय को खोजने और जड़ी-बूटियां इकट्ठा करने गए थे। जंगल से लौटते समय उनका अचानक हाथियों के झुंड से सामना हो गया। एक आक्रामक हाथी ने पूर्व उपसरपंच पर हमला बोल दिया और उन्हें कुचल दिया। बाकी तीनों ने चिल्लाते हुए भागकर अपनी जान बचाई।
वन विभाग की टीम पहुंची, चेतावनी दी थी लेकिन नजरअंदाज की
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाथियों की मौजूदगी की जानकारी होने के बावजूद चारों को जंगल जाने से मना किया गया था। उन्होंने जल्द लौट आने का आश्वासन देकर प्रवेश कर लिया। अब वन विभाग ने पूरे इलाके में अलर्ट जारी कर दिया है और ग्रामीणों से अपील की है कि जंगल की ओर न जाएं। हाथी मित्र दलों को सक्रिय किया गया है, जो रात-दिन निगरानी रखेंगे। मृतक के परिजनों को 25 हजार रुपये की तत्काल सहायता राशि देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
सूरजपुर में हाथी आतंक का सिलसिला: हाल ही में कई घटनाएं
छत्तीसगढ़ के उत्तरी जिलों, खासकर सूरजपुर, सरगुजा, जशपुर और कोरबा में पिछले एक दशक से मानव-हाथी संघर्ष बढ़ रहा है। हाथियों का झुंड जंगलों से निकलकर खेतों और गांवों में घुस आते हैं, जिससे ग्रामीणों की जान को खतरा रहता है। हाल ही में
- – अक्टूबर 2025: कोरबा के रामपुर में मानसिक रूप से अस्वस्थ एक व्यक्ति को हाथियों ने कुचल दिया।
- – अगस्त 2024: जशपुर में एक ही परिवार के तीन सदस्यों समेत चार लोगों की मौत हाथी हमले में।
- – मई 2022: सूरजपुर के प्रतापपुर में एक ग्रामीण महिला की हाथी हमले में मौत।
वन विभाग के अनुसार, जलवायु परिवर्तन और जंगलों की कमी से हाथी मानव बस्तियों की ओर बढ़ रहे हैं। सूरजपुर में करीब 9-10 हाथी विचरण कर रहे हैं, जिनमें से कुछ दल से अलग होकर आक्रामक हो जाते हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि हाथियों के लिए कॉरिडोर बनाया जाए और रात्रिकालीन पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए।
