हेड कांस्टेबल की गुंडागर्दी! साथियों के साथ मिलकर अधिवक्ता को पीटा, SP ने किया लाइन अटैच
अंबिकापुर। सरगुजा जिले में एक प्रधान आरक्षक (हेड कांस्टेबल) द्वारा एक अधिवक्ता की पिटाई के मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। इस घटना के विरोध में जिले के अधिवक्ताओं ने दोषी पुलिसकर्मी और उसके सहयोगियों की किसी भी कानूनी मामले में पैरवी न करने का ऐलान कर दिया है।
मामला तब शुरू हुआ जब अधिवक्ता राजेश तिवारी के बेटे और प्रधान आरक्षक संतोष कश्यप के बीच गाड़ी मोड़ने को लेकर विवाद हो गया। यह विवाद हाथापाई तक पहुंच गया। जब राजेश तिवारी और उनकी पत्नी बीच-बचाव के लिए पहुंचे, तो आरोप है कि पुलिसकर्मी संतोष कश्यप, उसके भाई और सहयोगियों ने उन पर हमला कर दिया। इस हमले में अधिवक्ता के पैर में गंभीर चोट आई।
इस घटना के बाद, अधिवक्ता राजेश तिवारी ने जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) के नाम ज्ञापन सौंपकर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। वकील समुदाय ने इस मामले पर गहरी नाराजगी जताते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया। उन्होंने तय किया कि मारपीट में शामिल पुलिसकर्मी संतोष कश्यप, उसके भाई और सहयोगियों की किसी भी अदालत में किसी भी अधिवक्ता द्वारा पैरवी नहीं की जाएगी।
वहीं, इस मामले में सरगुजा एसपी राजेश अग्रवाल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रधान आरक्षक संतोष कश्यप को लाइन अटैच कर दिया है और मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं। यह घटना पुलिस-जनता के संबंधों और कानून व्यवस्था बनाए रखने वालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
