छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के दौरान दो जिलों में बारदाना जलने की घटनाएं, कांग्रेस ने उठाए सवाल
रायपुर। छत्तीसगढ़ में चल रही धान खरीदी के बीच जांजगीर-चांपा और कवर्धा जिलों में अलग-अलग घटनाओं में बारदाना (गन्नी बैग) जलकर नष्ट हो गए, जिससे लगभग 25 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इन घटनाओं पर कांग्रेस ने सरकार पर सवाल उठाए हैं।
पहली घटना: जांजगीर-चांपा
पामगढ़ थाना क्षेत्र के लगरा सहकारी समिति के धान खरीदी केंद्र के सामने रखे 40 गठान (बंडल) नए बारदाने सोमवार को अचानक आग की चपेट में आ गए। बताया जा रहा है कि इन बारदानों को एक दिन पहले ही खाली कराया गया था। इस घटना से लगभग 20 लाख रुपये का नुकसान अनुमानित है।
दूसरी घटना: कवर्धा
पंडरिया क्षेत्र के कुंआमालगी गांव में एक बारदाने में रखे लगभग 500 धान के बोरे जल गए। ग्रामीणों ने मिलकर आग पर काबू पाया, लेकिन करीब 5 लाख रुपये के बारदाने नष्ट हो गए।
कांग्रेस विधायक ब्यास कश्यप ने इन घटनाओं पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “सरकार की धान खरीदी के लिए कोई तैयारी नहीं है। खाली केंद्रों में बारदाना खुले में नहीं छोड़ना चाहिए था। आग लगी है या लगाई गई है, इसकी जांच होनी चाहिए।”
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत धान खरीदी शुरू हुई है। पहले दिन ही राज्य भर के 195 केंद्रों पर 19,464 क्विंटल धान की खरीदी की गई थी। दोनों मामलों में आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है और पुलिस जांच कर रही है।
