छत्तीसगढ़ में धान खरीदी शुरू, हड़ताल कर रहे अधिकारियों पर FIR
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आज, 16 नवंबर 2025 से किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू हो गई है। इस दौरान ड्यूटी के बावजूद काम नहीं करने वाले चार ग्रामीण कृषि विकास अधिकारियों के खिलाफ रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह के निर्देश पर FIR दर्ज की गई है। इन अधिकारियों पर अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम (ESMA) के उल्लंघन का आरोप है, और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार, ये अधिकारी न केवल काम से इनकार कर रहे थे, बल्कि अन्य कर्मचारियों को भी काम करने से रोक रहे थे। सहकारी समितियों के कर्मचारी चार सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं, लेकिन धान खरीदी प्रभावित न हो, इसके लिए सरकार ने ESMA लागू किया है और कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
पहले दिन 19,464 क्विंटल धान की खरीदी
खरीदी के पहले दिन प्रदेश के 195 उपार्जन केंद्रों पर 19,464 क्विंटल धान की खरीदी की गई। सरकार ने 2,739 उपार्जन केंद्रों पर खरीदी के लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। हड़ताल के कारण उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए विपणन संघ ने आउटसोर्सिंग के जरिए 2,739 डेटा एंट्री ऑपरेटरों की व्यवस्था की है। कई जिलों में सहकारिता विभाग के कर्मचारियों ने भी खरीदी प्रक्रिया को सुचारू रखने में योगदान दिया।
ESMA लागू, ऑनलाइन टोकन सिस्टम शुरू
धान खरीदी में लगे कर्मचारियों पर ESMA लागू किया गया है ताकि प्रक्रिया निर्बाध चले। इस साल खरीदी को पारदर्शी और किसान-उन्मुख बनाने के लिए ऑनलाइन टोकन और तुंहर टोकन प्रणाली लागू की गई है। पहले दिन जारी 2,029 टोकनों में से 1,912 तुंहर टोकन के जरिए प्राप्त हुए। लघु और सीमांत किसानों को अधिकतम 2 टोकन, जबकि दीर्घ किसानों को 3 टोकन की सुविधा दी गई है।
किसानों के लिए व्यापक सुविधाएं
उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए छाया, पीने का पानी, प्रसाधन और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक केंद्र पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जिनके संपर्क नंबर प्रदर्शित हैं। किसान किसी भी समस्या के लिए नोडल अधिकारी या हेल्पलाइन नंबर 1800 233 3663 पर संपर्क कर सकते हैं।
आधार-आधारित खरीदी, अनियमितता पर सख्ती
धान खरीदी पूरी तरह आधार-आधारित है, जिसमें बायोमेट्रिक पहचान के जरिए धान बेचा जा रहा है। खाद्य विभाग ने उड़नदस्ते गठित किए हैं जो औचक निरीक्षण कर अनियमितताओं पर अंकुश लगाएंगे। किसी भी अनियमितता पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। तौल के लिए इलेक्ट्रॉनिक मशीनों का उपयोग हो रहा है ताकि किसानों को उनके धान का सही मूल्य मिले।
निगरानी समितियों का गठन
स्थानीय स्तर पर निगरानी समितियों का गठन किया गया है। सभी केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कलेक्टरों और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए खरीदी प्रक्रिया को व्यवस्थित, समयबद्ध और पारदर्शी बनाया जाए।
