CM Sai: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणाओं पर अमल शुरू, मुलेर में विकास कार्यों को मिली रफ्तार
दंतेवाड़ा। CM Sai: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा “सुशासन तिहार 2025” के तहत दंतेवाड़ा जिले के अति संवेदनशील और दूरस्थ ग्राम मुलेर में की गई घोषणाएं अब धरातल पर उतरने लगी हैं। मुख्यमंत्री की घोषणाओं को अमल में लाने के लिए जिला प्रशासन ने तेज़ी से कदम उठाते हुए उपस्वास्थ्य केंद्र की स्थापना, तीन सीसी सड़कों का निर्माण और डोम शेड निर्माण के लिए कुल 21.54 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी है।
मुख्यमंत्री के दौरे ने ग्रामीणों में भरा उत्साह
हाल ही में मुख्यमंत्री साय ने ग्राम मुलेर का औचक दौरा कर विकास शिविर का निरीक्षण किया था। मुख्यमंत्री को अचानक अपने बीच देखकर ग्रामीणों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। इस दौरान ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सेवाओं की कमी, सड़क की खराब हालत और सामुदायिक सुविधाओं की कमी को लेकर अपनी प्रमुख समस्याएं सामने रखीं। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए मौके पर ही संबंधित कार्यों को मंजूरी दी और प्रशासन को निर्देश दिए कि इन कार्यों को शीघ्रता और प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए।
विकास कार्यों को मिली हरी झंडी
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई शुरू की है। स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए उपस्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की जा रही है, जिससे ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार और स्वास्थ्य जांच की सुविधा गांव में ही मिल सकेगी। वहीं, तीन सीसी सड़कों के निर्माण से गांव तक आवागमन सुगम होगा और डोम शेड का निर्माण सामाजिक व सांस्कृतिक आयोजनों के लिए उपयोगी साबित होगा।
जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की यह पहल केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि उस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए शासन की जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता को भी उजागर किया है। मुलेर जैसे सुदूर और नक्सल प्रभावित इलाके में इस तरह की विकास गतिविधियों से न केवल स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा, बल्कि यह शासन और आम जनता के बीच विश्वास की डोर को भी और मजबूत करेगा।
ग्रामीणों में सकारात्मक माहौल
विकास कार्यों की स्वीकृति मिलने के बाद मुलेर के ग्रामीणों में सकारात्मक माहौल बन गया है। उनका कहना है कि पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने गांव आकर उनकी समस्याओं को इतने करीब से समझा और तत्काल समाधान की दिशा में कदम उठाया। लोगों को अब भरोसा है कि आने वाले समय में गांव की तस्वीर बदलेगी और उन्हें भी बाकी हिस्सों की तरह मूलभूत सुविधाएं मिल सकेंगी।
मुख्यमंत्री की यह पहल छत्तीसगढ़ के सुदूर और पिछड़े क्षेत्रों में विकास की नई शुरुआत के रूप में देखी जा रही है।
