आयुष विश्वविद्यालय के नतीजों पर बवाल: दो जोन में जंची उत्तरपुस्तिकाएं, बिलासपुर में सब पास, रायपुर में टॉपर भी फेल
रायपुर: छत्तीसगढ़ आयुष विश्वविद्यालय के हालिया परीक्षा परिणामों ने छात्रों में आक्रोश फैला दिया है। बीएएमएस (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी) के अंतिम वर्ष के छात्रों ने अपने नतीजों पर सवाल उठाते हुए पुनर्मूल्यांकन की मांग की है। शुक्रवार को नाराज छात्रों ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर धरना दिया और विवि प्रशासन से अपनी उत्तरपुस्तिकाओं की दोबारा जांच की मांग की।
नतीजों ने उड़ाई छात्रों की नींद
अगस्त 2025 में आयोजित बीएएमएस परीक्षा का परिणाम अक्टूबर में घोषित किया गया था। कुल 207 छात्रों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 105 छात्र फेल घोषित किए गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अधिकांश छात्र सर्जरी और शालाक्य विषयों में असफल हुए हैं। छात्रों का कहना है कि नतीजों में भारी गड़बड़ी है और उनकी मेहनत का सही मूल्यांकन नहीं किया गया।
कॉलेजवार नतीजे ने बढ़ाई शंका
नतीजों का पैटर्न भी छात्रों की आशंकाओं को बल दे रहा है। शासकीय आयुर्वेदिक कॉलेज बिलासपुर का परिणाम 100 प्रतिशत रहा, जबकि कई अन्य कॉलेजों का रिजल्ट 80 से 90 प्रतिशत के बीच रहा। इसके उलट, रायपुर शासकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, राजीव लोचन कॉलेज दुर्ग और भारती आयुर्वेदिक कॉलेज दुर्ग के परिणाम बेहद खराब रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि जांच में पक्षपात हुआ है।
विवि बोला – पुनर्मूल्यांकन नहीं, केवल पुनर्गणना संभव
प्रदर्शनकारी छात्रों ने विवि प्रबंधन और राज्यपाल के साथ-साथ स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्री को भी ज्ञापन सौंपा है। वे चाहते हैं कि उनकी उत्तरपुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन हो। लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि वर्तमान नियमों में पुनर्मूल्यांकन का प्रावधान नहीं है — केवल अंकों की पुनर्गणना (Re-totalling) कराई जा सकती है।
मूल्यांकन प्रक्रिया पर उठे सवाल
सूत्रों के अनुसार, उत्तरपुस्तिकाओं की जांच रायपुर और बिलासपुर के शासकीय आयुर्वेदिक कॉलेजों में होती है। इस बार बिलासपुर जोन की कॉपियां रायपुर भेजी गईं और रायपुर जोन की कॉपियां बिलासपुर भेजी गईं। हैरानी की बात यह है कि बिलासपुर जोन के कॉलेजों के सभी छात्र पास हुए, जबकि रायपुर जोन के कई टॉपर्स तक फेल कर दिए गए हैं।
