अफगानिस्तान में फिर आया 6.3 तीव्रता का भूकंप, पांच घंटे में दो झटके; 10 की मौत, 200 से ज्यादा घायल
काबुल। अफगानिस्तान में एक बार फिर धरती कांपी है। हिंदूकुश पर्वतीय क्षेत्र में रविवार देर रात पांच घंटे के भीतर दो बार भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। इन दोनों भूकंपों की तीव्रता 6.3 मापी गई, जिससे अफगानिस्तान और पाकिस्तान दोनों देशों में दहशत फैल गई।
अब तक की रिपोर्ट्स के अनुसार, 10 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 200 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। अधिकारियों को आशंका है कि पर्वतीय इलाका होने के कारण नुकसान का दायरा और बड़ा हो सकता है।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक पहला भूकंप रविवार रात 20:40:52 बजे आया, जिसकी तीव्रता 3.9 थी। इसके लगभग पांच घंटे बाद, रात 12:59 बजे (20:29 GMT) दूसरा और अधिक शक्तिशाली झटका आया, जिसकी तीव्रता 6.3 मापी गई। इसका केंद्र मज़ार-ए-शरीफ़ के पास खोल्म क्षेत्र में 28 किलोमीटर गहराई में था।
काबुल, पेशावर और आसपास के इलाकों में भी झटके महसूस किए गए। राजधानी काबुल में एएफपी समाचार एजेंसी के संवाददाताओं ने बताया कि कई इमारतें हिल गईं और लोग रात के समय सड़कों पर निकल आए।
भूकंप में ऐतिहासिक ब्लू मस्जिद (Blue Mosque) को भी नुकसान पहुंचा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में मस्जिद की बाहरी दीवारें टूटी हुई दिख रही हैं।
यह भूकंप अगस्त 2025 में आए 6.0 तीव्रता के भूकंप के दो महीने बाद आया है, जिसमें 2,200 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। वहीं, 7 अक्टूबर 2023 को आए 6.3 तीव्रता के भूकंप में 4,000 लोगों की जान चली गई थी।
अफगानिस्तान में बार-बार आने वाले भूकंपों का कारण यह है कि यहां यूरेशियन और भारतीय टेक्टोनिक प्लेटें मिलती हैं। इस वजह से हिंदूकुश क्षेत्र दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंप-प्रवण इलाकों में गिना जाता है।
