Bilaspur Fraud News: बिलासपुर में एडमिशन फ्रॉड, ‘बिना एंट्रेंस एग्जाम डायरेक्ट एडमिशन’ के झांसे में फंसे व्यापारी से ठगे गए 30 लाख रुपये

Bilaspur Fraud News: बिलासपुर में एक व्यापारी से 30 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने “बिना एंट्रेंस एग्जाम डायरेक्ट एडमिशन” का झांसा देकर व्यापारी को फंसा लिया। एडमिशन और डोनेशन के नाम पर रकम वसूलने के बाद आरोपी फरार हो गए। अब पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

घटना का विवरण

बिलासपुर के व्यापार विहार क्षेत्र में रहने वाले व्यापारी हेमंत मोदी ने एक विज्ञापन देखा, जिसमें दावा किया गया था कि बिना किसी प्रवेश परीक्षा के नामी कॉलेज में डायरेक्ट एडमिशन दिलाया जाएगा।

व्यापारी ने विज्ञापन में दिए नंबर पर संपर्क किया। इसके बाद गौरव झा और उसके बॉस विनीत सिंह उर्फ सौम्य राज से उसकी मुलाकात हुई। दोनों ने खुद को पुणे की चोंढे ग्रुप एजुकेशन कंसल्टेंसी का प्रतिनिधि बताया और 100 प्रतिशत एडमिशन की गारंटी दी।

कैसे हुई ठगी

ठगों पर भरोसा करते हुए व्यापारी ने बैंक ट्रांसफर और नकद मिलाकर लगभग ₹30 लाख जमा करा दिए। यह रकम एडमिशन फीस और डोनेशन के नाम पर ली गई थी।

लेकिन एडमिशन प्रक्रिया शुरू होने की जगह आरोपी हर बार नए बहाने बनाते रहे। जब कोई कन्फर्मेशन लेटर या कॉलेज से मेल नहीं मिला और उनके मोबाइल नंबर बंद हो गए, तो व्यापारी को ठगी का अहसास हुआ।

पुलिस कार्रवाई

व्यापारी ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

आरोपियों — शिवम शर्मा उर्फ गोपी कृष्णा, विनीत सिंह उर्फ सौम्य राज, गौरव झा, आर्यन अग्रवाल, और विराज चोंढे — के खिलाफ धोखाधड़ी (फ्रॉड) का केस दर्ज कर लिया गया है।

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है।

यह मामला एक बार फिर यह चेतावनी देता है कि “डायरेक्ट एडमिशन” या “बिना एंट्रेंस के कॉलेज एडमिशन” जैसे ऑनलाइन विज्ञापनों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। एडमिशन से पहले संस्थान की वैधता की जांच जरूरी है।

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