छत्तीसगढ़ में फिर एक संदिग्ध दवा पर लगी रोक: CGMSC ने सभी सरकारी अस्पतालों को स्टॉक लौटाने का दिया आदेश

छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) ने दवाओं की गुणवत्ता पर गंभीरता दिखाते हुए एक बड़ा निर्णय लिया है। कॉर्पोरेशन ने जेस्ट फार्मा द्वारा निर्मित ऑफ्लॉक्सासिन ऑर्निडाजोल टैबलेट (Batch No. T4235) के उपयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह दवा जुलाई 2024 में तैयार की गई थी और जून 2026 तक वैध है।

दवा की गुणवत्ता पर उठे सवाल

CGMSC को राज्य के कई सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों से इस दवा की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें मिली थीं। मरीजों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, कॉर्पोरेशन ने इस बैच की आपूर्ति और उपयोग दोनों पर रोक लगा दी है।

सभी स्वास्थ्य संस्थानों को दवा वापस करने के निर्देश

रायपुर स्थित ड्रग वेयरहाउस ने सभी सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और शहरी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स को आदेश दिया है कि वे इस दवा के संबंधित बैच की सभी गोलियां तुरंत वापस करें।

गुणवत्ता जांच के बाद होगा अंतिम निर्णय

CGMSC ने बताया कि इस बैच की दवाओं की अब तकनीकी और गुणवत्ता जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद यह तय किया जाएगा कि इन दवाओं का उपयोग आगे किया जा सकता है या नहीं।

रायपुर और बलौदाबाजार के अस्पतालों को भेजा गया आदेश

यह निर्देश रायपुर और बलौदाबाजार जिलों के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को भेजा गया है। इनमें डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल, डीकेएस स्नातकोत्तर संस्थान एवं अनुसंधान केंद्र, और शासकीय डेंटल कॉलेज रायपुर शामिल हैं।

 

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