पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर किया हवाई हमला, 3 क्रिकेटरों समेत 8 की मौत, अफगान टीम ने टी-20 ट्राई सीरीज से किया इनकार

पाकिस्तान ने एक बार फिर अपनी ‘दोगली’ नीति का परिचय देते हुए अफगानिस्तान पर हवाई हमला किया है। 48 घंटे के सीजफायर की घोषणा के महज कुछ घंटों बाद शुक्रवार रात पाकिस्तानी वायुसेना ने अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत के अरगुन और बरमल जिलों पर हमला बोला। इस हमले में कम से कम 10 नागरिक मारे गए, जिनमें 3 स्थानीय क्रिकेटर शामिल हैं, जबकि 12 अन्य घायल हो गए। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने मृतकों में कबीर, सिब्घतुल्लाह और हारून जैसे क्लब क्रिकेट खिलाड़ियों की पहचान की है, जो एक मैत्रीपूर्ण मैच खेलने के बाद लौट रहे थे। तालिबान सरकार ने हमले की निंदा करते हुए बदला लेने का ऐलान किया है और पाकिस्तान के साथ होने वाली टी-20 ट्राई-सीरीज से हाथ धो लिया है, जिसमें श्रीलंका तीसरी टीम है।

सीजफायर की धज्जियां उड़ाने वाला हमला: डूरंड लाइन पर तनाव
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच 15 अक्टूबर को 48 घंटे का सीजफायर लागू हुआ था, जिसे शुक्रवार को दोहा वार्ता तक बढ़ाने पर सहमति बनी। लेकिन पाकिस्तानी सेना ने इसे तोड़ते हुए डूरंड लाइन से सटे पक्तिका प्रांत के कई जिलों पर ड्रोन और हवाई हमले किए। तालिबान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने AFP को बताया, “पाकिस्तान ने संघर्ष विराम तोड़ा और पक्तिका में तीन जगहों पर बमबारी की। अफगानिस्तान जवाब देगा।” पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों का दावा है कि हमला अफगान तालिबान की एक ब्रिगेड को निशाना बनाने के लिए किया गया, जिसमें दर्जनों सैनिक मारे गए। हालांकि, अफगान पक्ष के अनुसार, हमले आवासीय इलाकों पर हुए, जिसमें दो बच्चे भी शिकार बने।

यह घटना पिछले सात दिनों से चले आ रहे संघर्ष का हिस्सा है, जो 9 अक्टूबर को काबुल, खोस्त, जलालाबाद और पक्तिका में पाकिस्तानी हवाई हमलों से शुरू हुआ। पाकिस्तान का कहना है कि ये हमले पाकिस्तानी तालिबान (TTP) के ठिकानों पर किए गए, जिनका सरगना नूर वली महसूद काबुल में निशाना था। लेकिन तालिबान इसे संप्रभुता का उल्लंघन मानता है।

काबुल में स्कूल पर हमला: बच्चों की आंखों में आंसू
पाकिस्तान ने बुधवार दोपहर काबुल के चौथे जिले में भी हवाई हमला किया, जिसमें कई घर ध्वस्त हो गए और एक स्कूल को भारी क्षति पहुंची। इस स्कूल में 500 से अधिक बच्चे पढ़ते हैं और 50 से ज्यादा कक्षाएं हैं। हमले के समय बच्चे घर लौट चुके थे, इसलिए कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन मलबे से भरे स्कूल को देखकर कई परिवारों की आंखें नम हो गईं। स्कूल अधिकारी मोहम्मद सादिक ने कहा, “यह शैक्षणिक स्थल है, कोई सैन्य ठिकाना नहीं। स्कूल का क्या कसूर था?” पाकिस्तानी स्रोतों का दावा है कि यह TTP के खिलाफ ‘सटीक हमला’ था, लेकिन अफगानिस्तान इसे नागरिकों पर हमला बताता है।

क्रिकेट सीरीज पर असर: अफगानिस्तान ने किया इनकार
हमले में क्रिकेटरों की मौत के बाद अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने पाकिस्तान के साथ 17-29 नवंबर तक होने वाली टी-20 ट्राई-सीरीज से हटने का फैसला लिया। ACB ने सोशल मीडिया पर पुष्टि की कि खिलाड़ी पक्तिका में मैच खेलकर लौट रहे थे जब हमला हुआ। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) अब वैकल्पिक योजना पर काम कर रहा है, जिसमें श्रीलंका के साथ द्विपक्षीय सीरीज शामिल हो सकती है। PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी ने ICC से वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है।

दोहा वार्ता में पाकिस्तान को बेनकाब करने की तैयारी
हमला ऐसे समय हुआ जब पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल कतर की राजधानी दोहा पहुंच चुका है, जबकि अफगान प्रतिनिधिमंडल शनिवार को पहुंचेगा। अफगानिस्तान के प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तान के ‘धोखे’ की रिपोर्ट तैयार कर ली है और दोहा में अन्य देशों के सामने इसे बेनकाब करने की योजना है। तालिबान ने चेतावनी दी है कि सीजफायर उल्लंघन का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

विवाद की जड़: डूरंड लाइन और पुरानी दुश्मनी
दोनों देशों के बीच तनाव की मुख्य वजह 1893 में ब्रिटिश काल में खींची गई डूरंड लाइन है, जो पारंपरिक पठान भूमि को बांटती है। अफगानिस्तान इसे कभी स्वीकार नहीं करता, जबकि पाकिस्तान इसे सीमा मानता है। 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद TTP जैसे समूहों के हमलों में वृद्धि हुई, जिसे पाकिस्तान अफगानिस्तान पर थोपता देखता है। पिछले वर्षों में भी ऐसे हमले हुए हैं, लेकिन 2025 में यह संघर्ष सबसे घातक साबित हो रहा है।

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