Clean Chit To Adani Group: हिंडनबर्ग केस में अडानी ग्रुप को राहत, सेबी ने दी क्लीन चिट
Clean Chit To Adani Group
नई दिल्ली। Clean Chit To Adani Group: हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोपों से जुड़े बहुचर्चित मामले में अडानी समूह और इसके चेयरमैन गौतम अडानी को बड़ी राहत मिली है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने गुरुवार को अपने आदेश में अडानी समूह को सभी आरोपों से मुक्त करते हुए मामले को क्लोज कर दिया।
सेबी की जांच में आरोप साबित नहीं
सेबी की विस्तृत जांच में अडानी ग्रुप और गौतम अडानी पर लगाए गए किसी भी आरोप की पुष्टि नहीं हुई। अडानी समूह पर तीन कंपनियों—एडिकॉर्प एंटरप्राइजेज, माइलस्टोन ट्रेडलिंक्स और रेहवर स्ट्रक्चर—के जरिए लेनदेन छिपाने और धनराशि भेजने का आरोप था। सेबी ने दो अलग-अलग आदेश जारी करते हुए कहा कि इन लेनदेन में किसी भी तरह का नियम उल्लंघन या धोखाधड़ी सामने नहीं आई।
जांच में पाया गया कि अडानी पोर्ट्स ने एडिकॉर्प को धनराशि दी थी, जिसे एडिकॉर्प ने अडानी पावर को ऋण के रूप में दिया और अडानी पावर ने यह ऋण ब्याज समेत चुका भी दिया। न तो कोई गबन हुआ और न ही कोई अवैध लेनदेन।
गौतम अडानी का बयान
फैसले के बाद गौतम अडानी ने अपने आधिकारिक ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर लिखा,
“सेबी की विस्तृत जांच के बाद हमें निर्दोष पाया गया है। हम पहले दिन से कहते आए हैं कि हिंडनबर्ग के दावे निराधार थे। पारदर्शिता और ईमानदारी हमेशा अडानी समूह की पहचान रही है। उन निवेशकों का दर्द हम समझते हैं जिन्होंने झूठी और प्रेरित रिपोर्ट के कारण नुकसान झेला। जो लोग फर्जी खबरें फैला रहे थे, उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए।”
हिंडनबर्ग ने लगाए थे गंभीर आरोप
जनवरी 2023 में अमेरिका की रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग ने अडानी समूह पर गंभीर आरोप लगाए थे। रिपोर्ट में कहा गया था कि अडानी ग्रुप ने अपनी कंपनियों के बीच धनराशि ट्रांसफर करने के लिए तीन अलग-अलग कंपनियों का इस्तेमाल किया, जिससे निवेशकों को गुमराह किया गया और संबंधित पक्ष लेनदेन के नियमों से बचा गया। इस रिपोर्ट के बाद शेयर बाजार में अडानी समूह के शेयरों में भारी गिरावट आई थी और देश की सियासत भी गरमा गई थी।
