आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांगा शासकीय कर्मचारी का दर्जा, मानदेय बढ़ाने की भी की मांग

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं

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रायपुर: छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संघ ने एक बार फिर अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार से ठोस कदम उठाने की अपील की है। संघ की ओर से जारी मांगपत्र में मुख्य रूप से आंगनबाड़ी कर्मियों को शासकीय कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की गई है। साथ ही, जब तक यह दर्जा नहीं मिलता, तब तक सम्मानजनक और पर्याप्त मानदेय देने की मांग रखी गई है।

अन्य राज्यों की तर्ज पर सुविधाएं देने की मांग

संघ का कहना है कि जैसे मध्यप्रदेश और हरियाणा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बेहतर मानदेय और सुविधाएं दी जा रही हैं, वैसा ही मॉडल छत्तीसगढ़ में भी लागू किया जाना चाहिए। हर साल मानदेय में स्वाभाविक बढ़ोतरी का नियम भी इन राज्यों की तरह यहां लागू करने की जरूरत है।

पोषण ट्रैकर ऐप की खामियों पर जताई आपत्ति

संघ ने यह भी मुद्दा उठाया कि पोषण ट्रैकर एप में तकनीकी दिक्कतों के चलते कई बार मानदेय रोक दिया जाता है, जो अन्यायपूर्ण है। उन्होंने इस प्रक्रिया को तुरंत बंद करने की मांग की है, ताकि तकनीकी वजहों से कर्मियों को मानसिक और आर्थिक तनाव ना झेलना पड़े।

सामाजिक सुरक्षा और रिटायरमेंट लाभ की भी मांग

आंगनबाड़ी संघ ने यह भी आग्रह किया है कि कार्यकर्ताओं को पेंशन, ईपीएफ, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिया जाए। साथ ही रिटायरमेंट राशि को 5 लाख रुपये तक बढ़ाने और सेवानिवृत्ति के एक महीने के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने की बात भी जोर-शोर से रखी गई है।

संघ ने चेताया: मांगें नहीं मानी गईं तो होगा आंदोलन

संघ की अध्यक्ष रमा सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार इन मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती, तो संघ आंदोलनात्मक रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होगा। उन्होंने कहा कि यह केवल अधिकारों की नहीं, बल्कि सम्मान और सामाजिक न्याय की लड़ाई है।

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