8th Pay Commission News : नहीं आएगा 8वां वेतन आयोग? पीएमओ से होगा सैलरी बढ़ोतरी का ऐलान!

नई दिल्ली: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को केंद्र सरकार के जनवरी 2025 में किए गए वादे का बेसब्री से इंतजार है, जो 8वें वेतन आयोग के गठन और लागू करने का था। 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल दिसंबर 2025 में समाप्त हो रहा है, लेकिन पूरे साल बीतने के बावजूद सरकार इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठा पाई है। यूनियन कैबिनेट ने 16 जनवरी 2025 को आयोग के गठन को मंजूरी दी थी, लेकिन अब तक टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) यानी कार्यक्षेत्र की रूपरेखा और सदस्यों के नाम तय नहीं हुए हैं। इससे लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। राज्य सरकारें भी केंद्रीय स्तर पर नई सिफारिशें अपनाने की उम्मीद कर रही हैं।

सीधे पीएम से बढ़ोतरी का ऐलान संभव? पूर्व वित्त सचिव की भविष्यवाणी

पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने 8वें वेतन आयोग को लेकर चौंकाने वाले संकेत दिए हैं। उनका मानना है कि सरकार पारंपरिक आयोग गठन के बजाय ऐतिहासिक बदलाव ला सकती है और प्रधानमंत्री सीधे 10-15 फीसदी वेतन वृद्धि का ऐलान कर सकते हैं। यह भविष्यवाणी कर्मचारियों के लिए चिंताजनक है, क्योंकि 2025 समाप्त होने में अब महज दो महीने शेष हैं और आयोग की प्रक्रिया शुरू होने में देरी हो रही है। हाल की रिपोर्ट्स के अनुसार, वित्त मंत्रालय ने अभी तक ToR अंतिम रूप देने में विलंब किया है, जिससे अटकलों का दौर चल रहा है।

हालांकि, रक्षा असैनिक कर्मचारियों के प्रतिनिधित्व करने वाले अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी महासंघ (AIDEF) के महासचिव सी. श्रीकुमार इससे असहमत हैं। उन्होंने कहा कि कैबिनेट के फैसले के आधार पर आयोग का गठन अनिवार्य है, इसलिए सीधी बढ़ोतरी की संभावना कम है। यदि देरी हुई तो सिफारिशें लागू होने में कुछ महीनों का विलंब हो सकता है, लेकिन सरकार को एरियर (पिछली तारीख से भुगतान) देना पड़ेगा। कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉयी एंड वर्कर्स के महासचिव एसबी यादव ने भी देरी की आलोचना की है और बिना विलंब के आयोग गठन की मांग की है। जून 2025 में नेशनल जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NCJCM) ने कैबिनेट सेक्रेटरी को पत्र लिखकर ToR जारी करने और समिति गठित करने की मांग की।

कब लागू होगा 8वां वेतन आयोग?

आयोग के गठन की घोषणा तो 2025 में हो गई, लेकिन ToR, चेयरपर्सन और सदस्यों का चयन न होने से प्रक्रिया रुकी हुई है। नौ महीने से अधिक समय बीत चुका है, जो पूरी प्रक्रिया को प्रभावित कर रहा है। वित्त मंत्रालय के राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में बताया था कि कई महत्वपूर्ण सुझाव मिले हैं और जल्द अधिसूचना जारी होगी। आयोग तय समय में रिपोर्ट देगा, लेकिन समयसीमा ToR पर निर्भर करेगी। 7वां वेतन आयोग 2016 में लागू हुआ था, जो 1 जनवरी 2016 से प्रभावी था। हर दशक में नया आयोग बनता है, इसलिए 2024-25 में 8वां आयोग अपेक्षित था, लेकिन देरी बढ़ रही है। बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारी और पेंशनभोगी वेतन संशोधन का इंतजार कर रहे हैं।

अधिसूचना कब जारी होगी?

हाल की रिपोर्ट्स बताती हैं कि यदि प्रक्रिया जल्द पूरी हुई तो भी सिफारिशें 2028 की शुरुआत से पहले लागू होना मुश्किल है। हालांकि, 7वें आयोग जैसा टाइमलाइन जरूरी नहीं, लेकिन देरी की आशंका बनी हुई है। आयोग का गठन मार्च 2025 में भी हुआ तो रिपोर्ट मार्च 2026 तक आ सकती है, लेकिन कार्यान्वयन में 18-20 महीने लग सकते हैं। बजट 2025-26 में आयोग के खर्च का कोई उल्लेख नहीं था, क्योंकि रिपोर्ट आने में कम से कम एक साल लगेगा।

संभावित वेतन वृद्धि और प्रभाव

8वां वेतन आयोग केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 30-34% तक वेतन वृद्धि ला सकता है, जिसमें फिटमेंट फैक्टर 2.28 से 2.86 तक अनुमानित है। न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर 21,600-25,000 रुपये हो सकता है। महंगाई भत्ता (DA) जनवरी 2026 तक 70% तक पहुंचने पर बेसिक सैलरी में विलय हो जाएगा। भत्तों में बदलाव की संभावना है, जैसे फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस (FMA) पेंशनरों के लिए 1,000 से 3,000 रुपये मासिक बढ़ाने का प्रस्ताव मार्च 2025 में पास हुआ। यह आयोग 48.62 लाख कर्मचारियों और 67.85 लाख पेंशनरों को लाभ पहुंचाएगा, जो निजी क्षेत्र पर भी असर डालेगा। कर्मचारी यूनियनें आयोग गठन के लिए दबाव बना रही हैं, ताकि 1 जनवरी 2026 से प्रभावी हो सके।

Youthwings