छत्तीसगढ़ में 5वीं-8वीं की परीक्षा बनी मजाक: निजी स्कूलों में नहीं पहुंचे विद्यार्थी, कई जगह छात्रों को मिले अधूरे प्रश्नपत्र

छत्तीसगढ़ में 5वीं-8वीं की परीक्षा

छत्तीसगढ़ में 5वीं-8वीं की परीक्षा

छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित 5वीं और 8वीं की केंद्रीकृत परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जहां शासकीय स्कूलों में छात्र परीक्षा देने पहुंच रहे हैं, वहीं बड़ी संख्या में निजी स्कूलों के परीक्षा केंद्र खाली नजर आ रहे हैं। इससे पूरी परीक्षा व्यवस्था की साख पर सवाल उठने लगे हैं।

निजी स्कूलों में नहीं पहुंचे छात्र

जानकारी के अनुसार, निजी स्कूलों में भी परीक्षा संचालन के लिए शासकीय शिक्षकों को केंद्राध्यक्ष बनाया गया है। ये शिक्षक पूरे दिन छात्रों का इंतजार करते रहे, लेकिन अधिकांश केंद्रों पर छात्र परीक्षा देने नहीं पहुंचे। इसका मुख्य कारण पाठ्यक्रम का अंतर बताया जा रहा है। दरअसल, प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे निजी स्कूल हैं जो छत्तीसगढ़ बोर्ड से मान्यता प्राप्त होने के बावजूद सीबीएसई पाठ्यक्रम की किताबों से पढ़ाई कराते हैं। जबकि केंद्रीकृत परीक्षा में सवाल सीजी बोर्ड के सिलेबस से पूछे जा रहे हैं। ऐसे में छात्र परीक्षा से दूर रह रहे हैं।

प्रदेश में हजारों स्कूल प्रभावित

प्रदेश में करीब 8500 निजी स्कूल संचालित हैं, जिनमें से लगभग 6200 स्कूल छत्तीसगढ़ बोर्ड से मान्यता प्राप्त हैं। बाकी स्कूल सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से जुड़े हैं, जिन्हें इस परीक्षा से बाहर रखा गया है। हालांकि, सीजी बोर्ड से संबद्ध स्कूलों के लिए यह परीक्षा अनिवार्य है।

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RTE नियम भी बना कारण

शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत पहली से आठवीं तक किसी भी छात्र को फेल नहीं किया जा सकता, बल्कि सभी को अगली कक्षा में प्रमोट करना अनिवार्य है। यही वजह है कि कई निजी स्कूल भी छात्रों के परीक्षा में शामिल न होने को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।

रायपुर में कटे प्रश्नपत्रों से बढ़ी परेशानी

इधर, राजधानी रायपुर में परीक्षा के दौरान एक और बड़ी लापरवाही सामने आई। 5वीं कक्षा की हिंदी और 8वीं की गणित परीक्षा के दौरान छात्रों को कटे-फटे प्रश्नपत्र बांटे गए। प्रश्नपत्रों की छपाई इतनी खराब थी कि कई पन्नों में ऊपर के सवाल गायब थे, जबकि कुछ जगह तिरछी प्रिंटिंग के कारण आधे प्रश्न कागज से बाहर चले गए। इस स्थिति में शिक्षकों को खुद छात्रों को प्रश्न लिखवाने पड़े, जिससे परीक्षा का समय भी प्रभावित हुआ।

जांच के आदेश

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय ने कहा कि कटे हुए प्रश्नपत्रों की शिकायत मिलने के बाद परीक्षा समिति द्वारा जांच की जाएगी और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।

निजी स्कूल संघ ने जताई नाराजगी

निजी स्कूल संघ के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने इस पूरी व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बिना पूरी तैयारी के परीक्षा कराना छात्रों और शिक्षा प्रणाली दोनों का अपमान है। उन्होंने बताया कि परीक्षा के दौरान काफी समय केवल प्रश्न लिखवाने में ही चला गया।

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